जिला प्रशासन ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पहल तेज कर दी है। स्थापना के लिए अनिवार्य दो शर्तों में से जिले में एक शर्त पूरी हो चुकी है। जबकि दूसरी शर्त को पूरा करने के लिए जिम्मेदारों ने कार्रवाई तेज कर दी है। फिलहाल शासन को वस्तुस्थिति से जुड़ी सूचना को भेजा गया है।
शासन ने उन जिला मुख्यालयों पर मेडिकल कॉलेज बनाने की पहल की है जहां पर मेडिकल कालेज नहीं है। इसके लिए कहा गया था कि उन्हीं जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा जहां पर 200 बेड की उपलब्धता होगी तथा 15 एकड़ भूमि होगा। जिला प्रशासन ने पाया कि महिला अस्पताल व जिला अस्पताल मिलाकर 200 बेड से अधिक की उपलब्धता है तो इस संबंध में सूचना शासन को भेज दी गई है।
वहीं दूसरी शर्त को पूरा करने के लिए जरुरी 15 एकड़ भूमि की तलाश जारी है। मेडिकल कॉलेज के बन जाने से शहर व जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा बढ़ जाएगी तथा अनावश्यक भागदौड़ से उन्हें छुटकारा मिलेगा। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि 200 बेड की उपलब्धता संबंधी सूचना शासन को भेज दी गई है। जबकि 15 एकड़ भूमि की तलाश अभी जारी है। भूमि मिलते ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
सीएमएस ने भी भेजी स्टाफ व संसाधन संबंधी सूचना
सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि जिला अस्पताल केे पास करीब आठ एकड़ भूमि है। मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए शासन ने स्टाफ की संख्या, वार्डों व बेडों की संख्या की सूचना मांगी थी, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है।
ट्रामा सेंटर का भी होगा निर्माण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज के बनने से ट्रामा सेंटर का भी निर्माण होगा। ट्रामा सेंटर के बन जाने से मार्ग दुर्घटनाओं में गंभीर रुप से घायल मरीजों को त्वरित ईलाज देकर उन्हें बचाने की पहल भी की जा सकेगी।