धर्मशाला अंडरपास से पहले लगा रेलवे का बोर्ड।
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गोरखपुर के धर्मशाला अंडरपास तिराहे से तरंग ओवरब्रिज के बीच रेलवे ने अपनी जमीन पर हुए कब्जे को हटाने के लिए बुधवार को जिला प्रशासन के साथ पैमाइश की। करीब चार घंटे तक चली कवायद में पाया गया कि नाले के बाद करीब 20 से 25 फीट तक रेलवे की जमीन है, जिस पर दुकानें व इमारतें बनी हैं। जिला प्रशासन ने चिह्निकरण करते हुए सभी को नोटिस जारी किया है। सभी को 20 सितंबर को कागजात के साथ एसडीएम सदर की कोर्ट में बुलाया गया है।
बुधवार दोपहर 12 बजे से धर्मशाला अंडरपास से गोरखनाथ ओवरब्रिज की ओर करीब एक किलोमीटर दूरी तक सीमांकन के लिए पैमाइश चली। रेलवे के उपमुख्य अभियंता रवींद्र मेहरा के निर्देशन में चली पैमाइश में एसडीएम सदर की ओर से राजस्व निरीक्षक, चार लेखपाल, आरपीएफ कमांडेंट रविशंकर सिंह, आरपीएफ व स्थानीय पुलिस मौजूद रही। रेलवे के दस्तावेजों के मुताबिक कई जगहों पर 20 से 25 फीट तक कब्जा पाया गया। गोयल गली के पास बनी चार दुकानें, कुछ मकान व मकानों की बनी बाउंड्री बढ़ाकर बनी मिली। हालांकि, कब्जेदारों ने जमीन को अपना बताया। राजस्वकर्मियों ने कहा कि जमीन के दस्तावेज देखकर इसका फैसला होगा।
गोरखपुर क्षेत्र पूर्वोत्तर रेलवे रवींद्र मेहरा ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से पैमाइश की गई। रेलवे की जमीन पर करीब 25 फीट तक कब्जा हुआ है। हर जगह चिह्निकरण किया गया है। रेलवे ने अपने दस्तावेज जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिए हैं। जांच के बाद जहां कब्जा होगा, उसे हटवाया जाएगा।