अफसरों ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि रेलवे बस स्टेशन परिसर में जमीन को समतल कराएं। जो पुराने अनावश्यक निर्माण हैं, उसे ध्वस्त करा दें। दोनों जगहों पर शौचालय, पानी की व्यवस्था करा दें। एडीजी ने पुलिस को परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाने के भी निर्देश दिए ताकि बसों की नियमित निगरानी हो सके।
ये लिए गए फैसले, एक अक्तूबर से पहले पूरा करना होगा
- ई-रिक्शा व ऑटो के लिए जगह का निर्धारण भी करना होगा।
- कुलसचिव आवास के पास की पार्किंग को दुरुस्त कर वहां से जिले के आसपास की बसों का होगा संचालन।
- नगर निगम को जमीन समतल करने, शौचालय व पानी की व्यवस्था करनी होगी।
- रोडवेज की बसें परिसर के अंदर खड़ी होंगी, पुलिस लगाएगी सीसीटीवी कैमरा।
- नंदानगर के पास से देवरिया, कुशीनगर व बिहार की बसों का संचालन होगा, पार्किंग स्थल बनेगा।
- महराजगंज की तरफ से आने-जाने वाली बसों का मेडिकल कॉलेज के पास से संचालन होगा।
- बसों के नए पार्किंग स्थल से शहर में आने के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का किराया तय होगा।
- सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा किए गए लोगों को हटाकर व्यवस्थित किया जाएगा।
गोरखपुर शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की कोशिश इसके पहले भी की गई थी, लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया। कुछ दिन की पहल के बाद उसे बंद कर दिया गया था। लेकिन इस बार एडीजी अखिल कुमार व कमिश्नर अनिल ढींगरा ने काम को पूरा करने के लिए एक समय का निर्धारण भी कर दिया है। इस वजह से उम्मीद है कि शायद प्रयोग सफल हो।
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एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सुरक्षा की लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र मुहिम को शुरू किया गया, जिसका असर है कि गोरखपुर ही नहीं आसपास के जिले भी सीसीटीवी कैमरे की जद में हैं। जाम शहर की बड़ी समस्या है। अब इससे राहत दिलाने के लिए मुहिम शुरू की गई है। कमिश्नर व अन्य विभागों के सहयोग से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।