1700 एकड़ जमीन के विनियमितीकरण से इन इलाकों को मिलेगा लाभ
महायोजना 2031 में शहर के 1700 एकड़ जमीन के विनियमितीकरण पर शासन की सहमति से 40 से अधिक कॉलोनियों की करीब दो लाख की आबादी को राहत मिल जाएगी। यह क्षेत्र 2001 में हरित क्षेत्र (ग्रीन लैंड) घोषित कर दिया गया था। जबकि 2008 में तैयार महायोजना 2021 में इस क्षेत्र को पीला दर्शाया गया था। महायोजना 2031 में पहले इसे विनियमितीकरण करने का प्रयास किया गया। लेकिन कुछ अड़चन आने से जीडीए ने पैर पीछे खींच लिया था।
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अब शासन से सहमति मिलने के बाद इस क्षेत्र के के लोगों के मकान भी वैध हो जाएंगे। वह भी अपने मकान का मानचित्र पास करा सकेंगे। इस क्षेत्र के विनियमितीकरण के बाद ग्रीन लैंड में बसी रामजानकीनगर, इंदिरा नगर, देवरिया बाईपास रोड समेत विभिन्न इलाकों के कई कॉलोनियों को नियमित किया जा सकेगा। इसी तरह गोरखनाथ से बरगदवां रोड के बीच प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा विकसित आधा दर्जन कॉलोनियां हरित क्षेत्र में विकसित कर दी गई हैं। सिक्टौर के आसपास भी कई कॉलोनियां हरित क्षेत्र में विकसित करने की बात सामने आ रही थी। अब इन इलाकों की कॉलोनियों को भी नियमित करने की संभावना बढ़ जाएगी।