आकाश-तारों की अद्भुत दुनिया में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए मंगलवार का दिन बेहद यादगार रहा। सूर्यास्त के बाद पूर्व के आसमान में मंगल ग्रह की समक्षता (अपोजीशन) को देखने के लिए लोग घरों की छतों और बालकनी पर टलहते नजर आए। आसमान में मंगल ग्रह को सामान्य आकार से बड़ा और चमकीला देखने की ललक उनके जीवन के यादगार पलों में शुमार हुई।
दोबारा 15 साल बाद घटित होने वाली घटना को लोगों ने नंगी आंखों से देखा। सूर्य, पृथ्वी और मंगल ग्रह के एक सीध में आने की वजह से मंगल ग्रह की खूबसूरती को शहरवासी निहारते नजर आए।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यूं तो मंगल ग्रह की समक्षता की खगोलीय घटनाएं ढाई वर्ष के अंतराल पर घटित होती हैं। मगर इस वर्ष घटित होने वाली घटना के दौरान पृथ्वी और मंगल ग्रह के बीच की दूरी 6.207 किलोमीटर कम हुई है। दोबारा इनके बीच की दूरी वर्ष 2035 में कम होगी।
नंदानगर के शिल्पी, उज्ज्वल, सनी, मानस और कुन्नूर ने बताया कि मंगल ग्रह की समक्षता को देखने के लिए सुबह से ही मन में उत्साह था। देखने के बाद जिज्ञासा शांत हुई है। मंगल को इतना तेज चमकते कभी नहीं देखा।