गोरखपुर। जन्माष्टमी के पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। गोलघर, रेती, घंटाघर, पांडेयहाता में पूजन सामग्री और सजावट की दुकानें सज गई हैं। लोग कान्हा के लिए नए झूले, वस्त्र और आभूषणों की खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार, इस बार बाजार में मोर की आकृति वाले झूले और स्टोन-नेट से बने कान्हा के वस्त्र लोगों की पहली पसंद बने हैं। इसके साथ ही स्टील के झूलों की भी खरीदारी हो रही है। वहीं सफेद स्टोन से सजे सिंहासन भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। घंटाघर के दुकानदार गोलू ने बताया कि हर साल नए डिजाइन आते हैं। इस बार मोर वाले झूले की सबसे ज्यादा मांग है। वहीं दुकानदार विजय ने बताया कि जन्माष्टमी अब कुछ ही दिन बचा है। लोग खरीदारी तेज कर दिए हैं। अभी तीन दिन और भी ज्यादा खरीदारी होगी।
- कान्हा और राधा के कपड़ों की भी मांग
बाजार में कान्हा के साथ-साथ राधा रानी के कपड़ों की भी जबरदस्त मांग देखी जा रही है। इस बार बाजार में लहंगा-चुनरी सेट, मोर पंख वाली पोशाक हैं। राधा-कृष्ण के आभूषणों, मालाओं और बच्चों के लिए प्रिंट वाले कपड़ों की भी मांग बढ़ी है। ‘राधे-राधे’ प्रिंट वाले बच्चों के कपड़े और मुकुट-मुरली सहित कृष्ण सेट खासतौर पर पसंद किए जा रहे हैं। इसमें कान्हा की पोशाक 100 से 750 रुपये, राधा रानी का लहंगा-चुनरी सेट 100 से 500 रुपये और जोड़ी वाले कपड़े 250 से 800 रुपये तक में मिल रहे हैं।
यह है सामग्रियों के दाम
- लड्डू गोपाल के झूले: 180 से 600 रुपये
- स्टील के झूले: 1450 से 2000 रुपये
- पोशाक: 15 से 750 रुपये
- माला और आभूषण: 10 से 250 रुपये
- बच्चों के राधा-कृष्ण के कपड़े (प्रिंट में राधे-राधे): 100 से 500 रुपये
- कृष्ण सेट (मुकुट-मुरली : 80 से 150 रुपये)