आधुनिक होंगे शहरी भूमि अभिलेख, ड्रोन सर्वे के बाद जमीनी सत्यापन पर जोर
गोरखपुर। नक्शा परियोजना के तहत शहर का हेलीकॉप्टर से सर्वे पूरा हो चुका है। इसके बाद अब भवनों का जमीनी सत्यापन नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें संयुक्त रूप से करेंगी। इसके बाद नगरीय संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
नक्शा पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के 10 जिलों में चयनित शहरी निकायों में ड्रोन आधारित सर्वेक्षण किया जा रहा है। गोरखपुर नगर निगम का चयन इस प्रायोगिक योजना में हुआ है। 18 और 19 अप्रैल को सर्वे ऑफ इंडिया ने जिले में लिडार तकनीक से हेलीकाॅप्टर से हवाई सर्वे किया।
अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद लखनऊ अरविंद सिंह (आईएएस) ने इसे लेकर नगर निगम औ राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कहा कि यह परियोजना भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) के तहत संचालित की जा रही है।
परियोजना का उद्देश्य नगरीय संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर एकीकृत विकास योजना बनाना है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पुरुषोत्तम दास गुप्ता, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, निरंकार सिंह, समीक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त संतोष मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय आदि मौजूद रहे।