गोरखपुर के खोराबार इलाके के जंगल चंवरी गांव में शनिवार की सुबह बंगलुरू से पैंतीस मजदूर अपने घर आए। घर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने घरवालों से वाहन मंगाकर खुद ही स्थानीय पीएचसी पहुंचे। वहां अपनी सेहत की जांच कराई और कहा कि हमें अस्पताल में ही क्वारंटीन कर दीजिए।
हालांकि जांच के दौरान उनमें कोई लक्षण नहीं मिला तो डॉक्टर ने सभी को एहतियात के तौर पर चौदह दिन होम क्वारंटीन रहने को कहा। इसके बाद मजदूर खुद ही होम क्वारंटीन हो गए।
खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे मजदूरों ने बताया कि वे कर्नाटक के बंगलुरू में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन में काम बंद हो गया। इसके बाद एक ट्रकवाला प्रति मजदूर 4500 रुपये लेकर घर पहुंचाने को तैयार हुआ तो वे चल दिए।
ट्रक से करीब पचास मजदूर आए हैं, जो अलग-अलग जगहों के थे। शनिवार की सुबह रामनगर कड़जहां में फोरलेन पर ट्रक से उतरे और पैदल ही गांव पहुंचे। इस संबंध में खोराबार पीएचसी के प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी मजदूरों की जांच की गई है। उनमें फिलहाल कोई लक्षण नहीं मिला है। उन्हें होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है।