गांव के सात लोगों के साथ वह गोंडा से घर आने के लिए निकली थी मगर गीडा तक पहुंचते-पहुंचते रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना से पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने महिला के शव को वाहन से भिजवाया, साथ ही उसके साथ जा रहे साथियों के जाने का इंतजाम भी किया।
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जानकारी के मुताबिक, मुन्नी पत्नी रामबली गोंडा में मजदूरी करती थी। वह बिहार के चंपारण की रहने वाली थी। उसके साथ ही राधा देवी, सरवन, सुमन, पुष्पराज, पति रामबली, श्रीकांत कुमार, किशोर महतो भी काम करते थे।
कोरोना महामारी के बीच अब ना काम बचा था और ना खाने को कुछ था। इसी वजह से सभी ने गांव जाने का फैसला किया और चंदा जुटाकर एक ट्रक पर सवार हो गए। अभी गीडा इलाके के बोक्टा के पास पहुंचे थे कि अचानक मुन्नी की मौत हो गई।
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साथ में मौजूद लोगों ने प्रशासन को सूचना दी जिसके बाद जांच करके लाश को शव वाहन से और अन्य लोगों को दूसरे साधन से भेजा गया है। इस संबंध में तहसीलदार सहजनवां लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि सभी को घर भिजवाया गया है और उनके घरवालों को सूचित भी कर दिया है।