उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बकेरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गए आठ पुलिसकर्मी हमले में शहीद हो गए। वहीं कई जवान घायल हो गए हैं। वहीं गोरखपुर जिले में पुलिस पर हमले की सबसे बड़ी वारदात खोराबार इलाके में हुई थी।
उस समय हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद व उसके बेटों ने दबिश देने गई पुलिस पर अचानक हमला बोल दिया था। हमला इतना जोरदार था कि घायल तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह आठ महीने तक कोमा में रहे। इस घटना में नौ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
दरअसल, खोराबार के मदरहवा निवासी नंगा निषाद, उसका बेटा दयाशंकर व दीपचंद थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। एक आरोप में नंगा के बेटे दयाशंकर पर केस दर्ज होने पर उसे पुलिस विभाग में सिपाही के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
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