खोराबार कुईं बाजार निवासी विनोद कुमार, जर्दा गांव के भैंसहा टोला निवासी जगदीश शुक्ला, जंगलसिकरी निवासी मोहम्मद बिन कासिम, छपरा गांव निवासी रामहित यादव, मिर्जापुर निवासी राम आशीष, जंगल रामलखना निवासी विजय प्रताप सिंह, जंगल चौरी टोला शेख निवासी महताब आलम, रायगंज बाजार निवासी राम चंद्र, नवां अव्वल निवासी राम नयन और राम निवास यादव निवासी जंगलचौरी को फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने के आरोप में जेल भेजा गया था। इनमें से सभी को आठ महीने पहले ही जिला प्रशासन की तरफ से कलेक्ट्रेट में मौजूद शस्त्र लाइसेंस की मूल पत्रावली की सत्यापित नकल जारी हो चुकी है। एडीएम (सिटी) राकेश कुमार श्रीवास्तव, खोराबार थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर कह चुके हैं कि संबंधित के शस्त्र लाइसेंस से जुड़े प्रमाणित अभिलेख कलेक्ट्रेट से मिल गए हैं, इनके शस्त्र लाइसेंस कलेक्ट्रेट से जारी हुए हैं। ऐसे में उक्त साक्ष्य के आधार पर विवेचना जल्द पूरी कर संबंधित न्यायालयों में रिपोर्ट दे दी जाए।
एक-दूसरे पर उठाते रहे सवाल
खोराबार के 10 लोगों के शस्त्र लाइसेंस फर्जी बताकर उन्हें जेल भेजने का मामला खुलते ही पुलिस और प्रशासन के बोल बदल गए थे। दोनों एक-दूसरे पर सवाल उठाने लगे। जिला प्रशासन का कहना था कि उनकी मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के पहले ही पुलिस ने संबंधित लोगों को जेल भेज दिया। वहीं, पुलिस का कहना है कि जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर उन्होंने कार्रवाई की।