ये ग्राम पंचायतें पहले ही शहरी क्षेत्र में शामिल हो गईं थी मगर 13 मई को शासन की तरफ से डीएम, सीडीओ, उप निदेशक पंचायतीराज और डीपीआरओ को पत्र लिखकर निर्देश दिया गया था कि कोरोना वायरस के मद्देनजर नगरीय क्षेत्र में शामिल की गई ग्राम पंचायतों को 30 जून तक गांव के विकास कार्य करने की छूट रहेगी। बावजूद इसके ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने धनराशि का उपयोग ही शुरू नहीं किया।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जो ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्र में शामिल हुई हैं उनमें चरगांवा ब्लॉक की आठ, खोराबार की 11, भटहट की दो, पिपराइच की छह, भरोहिया की आठ, कैंपियरगंज की पांच तथा सरदारनगर की छह शामिल हैं।
इन पंचायतों में बची है सबसे ज्यादा धनराशि
पंचायतीराज विभाग के मुताबिक खोराबार के बड़गों में सबसे ज्यादा 69.80 लाख, चरगांवा के जंगल तिनकोनिया नंबर एक में 29.73 लाख, खोराबार के भरवलिया बुजुर्ग में 18.63 लाख, सिक्टौर में 12.13 लाख, भरोहिया ब्लॉक के तिघरा में 22.60 लाख, जंगल अगही में 21.73 लाख, साहबगंज में 18.60 लाख, बगहीभारी में 10.66 लाख, सरदारनगर के चौरा में 16.65 लाख तथा बाल बुजुर्ग में 11.20 लाख रुपये बचे हुए हैं।