- मनीष को सबसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, फिर मेडिकल कॉलेज रेफर हुआ।
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने से पहले ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
- मानसी अस्पताल ले जाने का जिक्र ही नहीं है।
- होटल में चेकिंग के दौरान मैनेजर को साथ लेकर जाने की बात कही गई, जबकि ऐसा नहीं था। होटल कर्मचारी आदर्श साथ गया था।
गलतबयानी : मनीष के घायल होने के बाद बुलाए पुलिस कर्मी
जीडी में इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने लिखा है कि होटल में चेकिंग के दौरान हड़बड़ाकर गिर जाने के बाद मनीष घायल हो गए, फिर पुलिस वालों को बुलाया गया। उप निरीक्षक विजय यादव और उप निरीक्षक राहुल दुबे को हमराही ने फोन कर बुलाया था, फिर सरकारी जीप से ये लोग मनीष को लेकर जिला अस्पताल गए थे। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मनीष की मौत के बाद विजय और राहुल यादव को निगरानी के लिए छोड़ दिया गया था। वहां से हमराही, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव, प्रशांत कुमार के साथ वापस कृष्णा होटल पहुंचे थे।
वहां पर कानून व्यवस्था को देखा गया और फिर अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। दोनों हमराहियों को थाने छोड़कर फिर कांस्टेबल प्रवीण कुमार पांडेय, अंकित कुमार सिंह, सचिन कुुमार यादव को साथ लेकर पुन: मेडिकल कॉलेज गए जहां पहुंचकर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए शांति व्यवस्था बनाई गई। मृतक के परिजनों के पहुंचने से पहले ही वापस थाने आ गए। तबीयत खराब होने पर अक्षय मिश्रा को रवाना किया गया, फिर मैं (इंस्पेक्टर) बीमार होने की वजह से इलाज कराने जा रहा हूं।