घर की माली हालत ठीक नहीं थी तो कमाने के लिए गुरुग्राम गए। जिंदगी पटरी पर लौट भी रही थी, मगर इसी बीच कोरोना ने सबकुछ बदल दिया। महामारी की वजह से काम-धंधा बंद हो गया तो भूखमरी की कगार पर पहुंच गए।
सोचे कि घर चलें, वहीं पर मेहनत मजदूरी कर जी लेंगे मगर रास्ते में हुए हादसे ने जिंदगी ही छीन ली। मौत की खबर घर पहुंची तो सब सदमे में आ गए।
जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा के गौनर निवासी रंजीत चौहान (42) की औरैया जिले के जुल्लुपुर में दुर्घटना में मौत हो गई। वह गुरुग्राम में मजदूरी करते थे। कोरोना महामारी के कारण भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई तो अपनी बाइक से ही घर के लिए चल दिए थे।
मंगलवार को औरैया पहुंचे तो पीछे से किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी। पुलिस ने पीएचसी अजीतमल भेजा जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आधार कार्ड से उनकी शिनाख्त हुई। उसके बाद बुधवार को पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।