- फर्जी तरीके से दूसरे के नाम का चेक भुनाने के मामले में कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चेक में कूटरचना कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी 10 हजार रुपये के इनामी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान ब्रह्मपुरी, थाना न्यू उस्मानपुर नार्थ ईस्ट दिल्ली निवासी हर्षित मिश्रा के रूप में हुई है। वह वर्तमान में टोनिका सिटी, गाजियाबाद में रहता था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम घोषित किया था। पकड़े गए आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की एसएमई आसनसोल (13505) शाखा से जुड़ा है। यहां मेसर्स मैथन स्टील पावर लिमिटेड के नाम से संचालित कैश क्रेडिट खाता से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम निकाली गई थी। कंपनी की ओर से 23 सितंबर 2020 को मित्तल ट्यूब कंपनी के नाम 34,102 हजार रुपये की राशि का चेक जारी किया गया था। यह चेक 05 अक्तूबर 2020 को क्लीयरिंग के लिए एचडीएफसी बैंक, लिलुआह शाखा (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) के एटीएम ड्रॉप बॉक्स में डाला गया था। जब निर्धारित समय पर चेक की राशि लाभार्थी के खाते में जमा नहीं हुई तो बैंक ने जांच कराई।
जांच में सामने आया कि चेक की मूल राशि 34,102 हजार रुपये को कूटरचना कर बढ़ाकर 4,49,702 रुपये कर दिया गया और यह रकम 07 अक्तूबर 2020 को भारतीय स्टेट बैंक, गोरखपुर शाखा से हर्षित मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा अपने खाते में निकाल ली गई। बैंक की तहरीर पर थाना कोतवाली ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला पंजीकृत किया था। विवेचना के दौरान आरोपी हर्षित मिश्रा की संलिप्तता सामने आई थी।
आरोपी का खाता 07 सितंबर 2020 को एसबीआई गोरखपुर शाखा में आधार, पैन, ई-केवाईसी और किरायानामा के आधार पर खोला गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने दूसरे के नाम से निर्गत चेक में फर्जीवाड़ा कर राशि अपने खाते में स्थानांतरित कराई थी।