जिला कृषि अधिकारी हिमांचल सोनकर ने बताया कि टिड्डी दल द्वारा फसलों में पौधे के हरे हिस्से व उसमें लगे फल, सब्जी व अन्य सामग्री को खाकर खत्म कर दिया जा रहा है, जिससे किसानों की काफी क्षति होने की संभावना है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि एक साथ चलने की वजह से प्रजनन के कारण उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है जो कि बढ़ने की दशा में फसलों के लिए और खतरनाक है।
बचाव को लेकर प्रशासन की यह है तैयारी
जिला प्रशासन ने बचाव को लेकर सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र के निकायों में टैंकर को पानी से भरें। जिससे किसी प्रकार की आवश्यकता पर उसका प्रयोग किया जा सके।
उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे बाग व सब्जी वाले किसानों को बचाव संबंधी जानकारी दे दें। एसपी को भी पत्र भेजकर थानाध्यक्षों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रत्येक गांव में पांच-पांच ट्रैक्टर चालू हालत में तथा उपलब्ध टैंकरों को पानी भरकर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। कृषि अधिकारी को बीज भंडारों व सूचना तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
टिड्डी दल से बचाव को लेकर मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कृषि विभाग व उससे जुड़े अन्य विभागों के साथ बैठक की। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि बचाव व जागरुकता को लेकर प्रत्येक ब्लॉकों में नोडल अधिकारी को तैनात किया जाए। वह यह सुनिश्चित करें कि ब्लॉक स्तर पर बचाव व जागरुकता संबंधी प्रयास पूरे कर लिए गए हैं।
किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जागरुक किया जाए। इस दौरान उप निदेशक कृषि विनोद कुमार, कृषि अधिकारी हिमांचल सोलकर, जिला गन्ना अधिकारी जगदीश यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बचाव के लिए किसान यह करें प्रबंध
- एक साथ ईकट्ठा होकर टिन के डब्बे अथवा थाली बजाएं।
- मिट्टी वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव अथवा धुआं कर दें।
- फसलों पर 25 किलो मिथाईन पैराथियान को प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
- मैलाथियान,फिप्रोनिल, इमिडा क्लोरपीड, क्यूनालफास या क्लोरपाइरीफास में से किसी एक दवा का विशेषज्ञों से जानकारी कर छिड़काव करना सुनिश्चित करें।