गोरखपुर सर्किट हाउस के पास बने महंत दिग्विजयनाथ पार्क में स्थापित महंत दिग्विजयनाथ की करीब 12.5 फीट ऊंची प्रतिमा बदली जाएगी। यही नहीं, पार्क में जहां प्रतिमा स्थापित है, उसका स्थान भी परिवर्तित किया जाएगा। इसे लेकर काम शुरू हो गया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने चबूतरे को तोड़वाना शुरू कर दिया है। उधर, संस्कृति विभाग, लखनऊ ने दूसरी प्रतिमा का निर्माण शुरू करा दिया है।
दरअसल, पार्क में स्थापित महंत दिग्विजयनाथ की प्रतिमा में उनका पूरा अक्स ही नहीं दिख रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद से ही जिम्मेदार अफसरों के हाथ पांव फूल गए थे। पिछले साल ही यह प्रतिमा पार्क में स्थापित की गई थी। कोरोना का दौर शुरू होने से प्रतिमा का अनावरण नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बना था पार्क
करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस से सटे खाली जगह को नुमाईश पार्क के तौर पर विकसित करने का निर्देश दिया था। जीडीए ने इसका निर्माण कराया। बाद में नुमाईश ग्राउंड का नाम बदलकर मंहत दिग्विजयनाथ पार्क कर दिया गया।
पिछले साल के शुरू में ही मुख्यमंत्री ने वहां महंत दिग्विजयनाथ की आदमकद प्रतिमा लगाने का निर्देश दिया था। प्रतिमा तैयार करने की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग लखनऊ को सौंपी गई थी। तय समय के भीतर प्रतिमा तैयार कर विभाग ने जीडीए को उपलब्ध भी करा दी। फिर प्राधिकरण ने उसे स्थापित भी कर दिया।