कार्यकारिणी की बैठक में शहर में हुए जलभराव पर भी विशेष विचार विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने कहा कि जलभराव से निजात के लिए नगर निगम ने काफी बेहतर कार्य किया है, लेकिन कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की वजह से शहर के लोगों को बारिश में हुए जलभराव से काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पीडब्ल्यूडी एवं सीएंडडीएस द्वारा नगर निगम के मेयर, नगर आयुक्त एवं मुख्य अभियंता के सुझाव को दरकिनार करते हुए नाला का निर्माण कराया गया जो मुहल्लों में पूर्व से बनी सड़क एवं नाली के बेड से 2-3 फीट ऊंचा है। इसकी वजह से करीब 20 वार्डों में जलभराव हुआ और तीन लाख से भी ज्यादा आबादी प्रभावित हुई। सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए पीडब्ल्यूडी एवं सीएंडडीएस के अभियंताओं के प्रति निन्दा प्रस्ताव पारित करते हुए उनके विरुद्ध शासन को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का संस्तुति प्रेषित करने का निर्णय लिया।
बसियाडीह और इलाहीबाग पर आधुनिक एवं नई तकनीक युक्त पंप लगाने को मंजूरी
जियाउल इस्लाम, चंद्रप्रताप सिंह गोली, आलोक सिंह विसेन आदि ने शहर के जलभराव का मुद्दा उठाया। इस दौरान कहा गया कि वर्तमान में नदी का जलस्तर घटने के कारण सभी बंद रेगुलेटरों को खोल दिया गया है। लेकिन समय की जरूरत को देखते हुए बसियाडीह और इलाहीबाग रेगुलेटरों पर पूर्व में लगाए गए डीजल पंप और विद्युत पंप की क्षमता कम होने को देखते हुए आधुनिक और नई तकनीक वाले पंप लगाने की आवश्यकता है। कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी।
जलभराव खत्म होने के बाद छिड़काव में तेजी लाने पर स्वीकृति
शहर के विभिन्न इलाकों में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विधिवत सफाई, फॉगिंग, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही कहा गया कि जलभराव खत्म होने को देखते हुए इसमें और तेजी लाई जाए।
आलोक सिंह विसेन ने शहर के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट की कमी का मुद्दा उठाया। कहा कि विभिन्न वार्डों में जिन स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे विद्युत कनेक्शन लिया गया था, उन स्थानों पर मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशन में पोल लगाए गए हैं। कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर पोल नहीं लगाए गए हैं। नगर निगम कार्यकारिणी ने वहां भी पोल लगाते हुए प्रत्येक वार्डों में 30-30 नए पथ प्रकाश फिटिंग लगाने का निर्णय लिया। साथ ही जहां-जहां पथ प्रकाश बिंदु खराब हैं, कंपनी को पत्र भेजकर उन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि स्ट्रीट लाइट प्वाइंट ईएसएसएल कंपनी के द्वारा लगाए गए हैं। ऐसे में बोर्ड से कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
मृत्यु या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मिलेंगे दो लाख रुपये
नगर निगम के किसी भी पार्षद की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिजन को नगर निगम निधि से दो लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। वहीं गंभीर रूप से बीमार पड़ने की स्थिति में इलाज के लिए मुख्यमंत्री कोष से मदद के लिए शासन से अनुरोध किया जाएगा। दरअसल बैठक के दौरान उप सभापति ऋषि मोहन वर्मा और आलोक सिंह विसेन ने यह मामला उठाते हुए कहा कि कोरोना दैवीय आपदा के कारण सबी कुमार चौहान दिवंगत हो गए।
अभी तक शासन स्तर से कोई लाभ नहीं मिला। इसी प्रकार वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि भी कोरोना ग्रसित हुए जिनकी एक आंख खराब हो गयी है। इलाज चेन्नई होना है जहां अत्यधिक धन की आवश्यकता होगी। उपरोक्त परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए तथा इनको भी कुछ सहायता राशि दी जाए। इसके बाद कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
महुई सुघरपुर में जलापूर्ति प्रभावित होने का मुद्दा भी उठा
पार्षद चंद्रप्रकाश सिंह गोली ने महुई सुघरपुर वार्ड में पिछले दो-तीन दिनों से जलापूर्ति प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। कहा कि इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर आयुक्त ने जलकल जीएम को जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया।