विधानसभा चुनाव का प्रस्तावक ही नेपाल में बनता था सहयोगी
विनोद उपाध्याय जब गोरखपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के बैनर तले चुनाव लड़ा था, तब नामांकन पत्र पर शहर का ही एक शख्स उसका समर्थक बना था। विनोद का बड़ा भाई जयप्रकाश भी प्रस्तावक बना। सूत्रों की मानें तो विनोद के समर्थक की नेपाल में अच्छी व्यवस्था है। वह सुरक्षित स्थान पर विनोद को रुकवाता था।
शहर के एक पुराने सहयोगी के साथ होने की चर्चा
अंदरखाने की चर्चा यह भी है कि विनोद के साथ शहर का एक उसका पुराना सहयोगी भी मुठभेड़ के पहले तक साथ में था, लेकिन मुठभेड़ के वक्त एसटीएफ को विनोद ही अकेला मिला। जानकार बताते हैं कि हो सकता है अंधेरा का फायदा लेकर वह फरार हो गया हो।