जानकारी के मुताबिक, पुलिस इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी से पूछताछ में पुलिस को एक नई जानकारी भी मिली है। पुलिस को पता चला है कि सिर्फ मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ही नहीं, प्राइवेट ब्लड बैंक से भी गिरोह के लोगों का संपर्क था और वे वहां पर भी मजदूरों को लेकर जाते थे। उनके खून को निकलवाते थे।
इस वजह से पुलिस ने जांच का दायरे प्राइवेट ब्लड बैंक की ओर भी बढ़ा दी है। पुलिस इस बात की जांच करेगी कि वह महज सामान्य डोनर बनकर गए मजदूर का खून निकालते थे या फिर वहां पर भी सेटिंग का खेल चल रहा है। इसकी जांच पुलिस ने तेज कर दी है।
इसे भी पढ़ें: रेलवे अफसर रिश्वतखारी कांड: जोशी का क्या बोलें...यहां तो पूरी दाल ही काली निकली
पुलिस मेडिकल काॅलेज के आसपास के सभी प्राइवेट ब्लड बैंक की जांच करने की तैयारी में है। पुलिस ने इस बड़े नेटवर्क को खोला है और जैसे-जैसे इनकी जांच आगे बढ़ रही है, रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने खून माफिया गिरोह में शामिल दो संविदा कर्मचारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। पुलिस पूछताछ व जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी, जो भी लोग इसमें शामिल हैं, सभी जेल जाएंगे।