फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाली पीएम के बयान पर मधेशी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- 'पड़ोसी देश पर आरोप लगाकर राजनीति करना ठीक नहीं'

Mon, 29 Jun 2020 09:23 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
विज्ञापन
Nepal PM KP Sharma Oli
विज्ञापन

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि मुझे हटाने के लिए साजिश रची जा रही है। इसे लेकर नेपाल के मधेशी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सभी ने यह कहा कि पड़ोसी देश पर आरोप मढ़कर राजनीति करना ठीक नहीं है।

विज्ञापन


नेपाली जनता को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है। वहीं कुछ नेताओं ने पार्टी का अंदरूनी मामला बताते हुए इसे कुटनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। नेपाल में मधेशी नेताओं ने नेपाली पीएम के बयान पर अमर उजाला से खुलकर बात की।

राष्ट्रीय जनता पार्टी के रूपनदेही जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि नेपाली प्रधानमंत्री का आरोप गलत है। भारत सीमा विवाद एवं कोरोना महामारी को लेकर अपनी समस्या में खुद परेशान है। वही हालात नेपाल का है। हमारे प्रधानमंत्री नेपाल की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
विज्ञापन

 
कम्युनिस्ट पार्टी रूपनदेही जिला कमेटी सदस्य एवं पूर्व मंत्री गुलजारी यादव ने बताया कि नेपाल के प्रधानमंत्री की जिस तरह से प्रतिक्रिया आ रही है। वह ठीक नहीं है। अपनी समस्याओं को किसी दूसरे के ऊपर रख कर राजनीति करना उचित नहीं है। यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। पड़ोसी देश पर आरोप लगाना गलत है। कूटनीतिक मर्यादा के विपरीत है।

विज्ञापन

सरकार पांच साल तक चलेगी

मर्चवार से मधेशी पार्टी के वरिष्ठ नेता असलम खान ने बताया कि नेपाल की जनता को गुमराह किया जा रहा है। सरकार बहुमत में है। प्रचंड इस्तीफा मांग रहे हैं, तो इसमें क्या गलत है। हर किसी को मौका मिलना चाहिए। माओवादी और एमाले के विलय के बाद नेकपा मजबूत हुई थी। जिसमे प्रचंड का बहुत बड़ा योगदान है।

जनता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत ठाकुर ने बताया कि भारत ने नेपाल की सरकार नहीं बनाई है। यह नेपाल के संसद से सरकार बनी है। बहुमत कम होगा तो सरकार गिर जाएगी। आमजन में भारत के खिलाफ नफरत फैलाने की साजिश हो रही है। इससे सामाजिक एवं आर्थिक संबंधो पर असर पड़ने की प्रबल संभावना है।

नेकपा पार्टी भैरहवा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के सहयोगी हकीकुल्ला खान ने बताया कि नेकपा माओवादी और नेकपा एमाले का विलय हो गया है। कमजोर सरकार नहीं है। पूर्व में हुए समझौते के आधार पर पांच साल सरकार चलेगी। नेपाल की जनता भी यही चाहती है। पार्टी बहुमत में है। अब आगे क्या होगा, यह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को देखना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें