गोरखपुर में थानावार लॉकडाउन खत्म करने की मांग को लेकर बुधवार को मंदिर में पहले उप्र प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इनका नेतृत्व व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष प्रमोद टेकरीवाल, प्रांतीय मंत्री सत्य प्रकाश सिंह मुन्ना तथा युवा उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष सक्सेना ने किया। सभी ने बताया कि थानावार लॉकडाउन की वजह से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
व्यापारियों के साथ ही आमजन भी परेशान हैं। प्रमोद टेकड़ीवाल ने बताया कि सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वैश्विक महामारी के दौर में लॉकडाउन की व्यवस्था भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। साथ ही आश्वस्त किया कि गोरखपुर में थाना क्षेेत्रों में लॉकडाउन न करके सिर्फ कंटेनमेंट एरिया को सील किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राममंदिर के नाम पर जारी डाक टिकट स्मृति स्वरूप भेंट किया।
उधर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, उप्र मत्स्य विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष रमाकांत निषाद और नवल शाही ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर थानावार लॉकडाउन व्यवस्था से होने वाली दिक्कतों को बताया और सीएम को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री के लॉकडाउन के संबंध में निर्देश देने के बाद उद्यमियों और व्यापारियों ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने थानावार लॉकडाउन की व्यवस्था पर फिर से विचार करते हुए सिर्फ कंटेनमेंट जोन में ही लॉकडाउन लगाने को कहा है। डीएम इसे अपने स्तर से देख रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और लॉकडाउन से कई तरह की दिक्कत होने की बात बताई थी।
गोरखपुर डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने थानावार लॉकडाउन की जगह कंटेनमेंट जोन में ही सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सक्रिय केसों की समीक्षा की जा रही है। सोमवार तक इसपर निर्णय किया जाएगा। तब तक पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी। कैंट, गोरखनाथ, शाहपुर और गुलरिहा थाने में 17 अगस्त की सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन रहेगा। वर्तमान में करीब 200 कंटेनमेंट जोन हैं।