प्रशासनिक मशीनरी की ठोस रणनीति ने लॉकडाउन के बीच तमाम तरह की दुश्वारियों का सामना कर रहे लोगों की मुश्किलें काफी आसान कर दीं। पहले और दूसरे चरण के दौरान सख्ती के समय जरूरत की सारी सुविधाएं लोगों के घरों तक पहुंचीं तो कम्यूनिटी किचन ने हर जरूरतमंद की भूख मिटाई। कल-कारखाने शुरू हुए।
बाहर से आए प्रवासी कामगारों को प्रशासन ने सम्मानपूर्वक सुरक्षित घरों तक पहुंचाया तो उन्हें मनरेगा और गीडा की फैक्ट्रियों में रोजगार भी दिलाया। 85947 मजदूर सिर्फ मनरेगा में काम कर रहे हैं। लॉक डाउन के बीच जिले में 34124 प्रवासी मजदूरों का जॉब कार्ड बना तो 20070 को काम भी मिला। 37 दिनों में अब तक 17.68 करोड़ रुपये की मजदूरी का भुगतान हो चुका है।
करीब एक महीने तक बंद पड़ी सभी बड़ी परियोजनाओं, चिड़िया घर, खाद कारखाना, मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन, कालेसर- जंगल कौड़िया फोरलेन के अलावा असुरन-मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर-देवरिया और गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है।
कमिश्नर-डीएम की पहल पर इन परियोजनाओं में भी प्रवासी कामगारों को काम मिल रहा है। सीडीओ हर्षिता माथुर की पहल पर समूह की महिलाएं न केवल मास्क और पीपीई किट बना रहीं हैं बल्कि अब प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस भी बनाने जा रही हैं।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
20 अप्रैल को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का ताला खुला तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के आवंटन की धनराशि जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई । पत्रकारपुरम के आवासों के आवंटन की भी प्रक्रिया चल रही है। आवेदक कम मिलने से अब जीडीए इस आवासीय परियोजना में आम आदमी को भी शामिल करने का मन बना रहा है।
लोहिया आवास, लेक व्यू समेत कुछ अन्य परियोजनाओं में खाली पड़े आवासों के पंजीकरण की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि लॉकडाउन से शासन और प्राधिकरण की कई परियोजनाएं लटक भी गईं। खोराबार में सेटेलाइट टाउनशिप और मानबेला में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की कवायद अभी कागजों तक ही सिमटी रह गई है।
माना जा रहा है कि अब दो से तीन महीने बाद ही इसे लेकर कुछ गतिविधि आगे बढ़ पाएगी। वहीं लोहिया आवास योजना के 400 से अधिक आवंटी अब भी कब्जा पाने का इंतजार कर रहे हैं। एनजीटी में सुनवाई नहीं हो पाने की वजह से रामगढ़ताल वेट लैंड मामले में 10 हजार घरों का भविष्य भी अभी अधर में ही है।
एक महीने काम बंद रहने की वजह से एचयूआरएल द्वारा बनाए जा रहे खाद कारखाने का काम थोड़ा प्रभावित जरूर हुआ मगर छूट मिलने के बाद फिर से निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। ज्यादातर बड़ी मशीने कारखाना परिसर में पहुंच चुकी है।
एचयूआरएल के मुताबिक दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा जबकि फरवरी 2021 में खाद बननी शुरू हो जाएगी। उधर लॉकडाउन के बीच ही कारखाने का निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ तो 700 से अधिक स्थानीय मजदूरों को काम भी मिला।
एयरपोर्ट: दिल्ली-मुंबई की उड़ान शुरू, यात्री भी बढ़ने लगे
लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और प्रयागराज के लिए होने वाली सभी सात उड़ाने भी बंद हो गईं थीं। 25 मई से दिल्ली के लिए दो तो मुंबई के लिए एक उड़ान शुरू हुईं। शुरूआती दो दिनों में यात्रियों की संख्या काफी कम रही मगर अब इसमें इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
शनिवार को दिल्ली-मुंबई से गोरखपुर आने वाले कुल यात्रियों की संख्या 413 रही जबकि गोरखपुर से दिल्ली-मुंबई के लिए 191 यात्रियों ने उड़ान भरी। हालांकि लॉकडाउन की वजह से तीन मंजिले नए टर्मिनल को लेकर चल रही कवायद अभी भी ठप है।
करीब 23 करोड़ से प्रस्तावित अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस टर्मिनल की अभी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी। टर्मिनल के निर्माण में एक साल लगेंगे। ऐसे में अब अगले साल ही नया टर्मिनल वजूद में आ सकेगा। 350 यात्रियों की क्षमता वाले इस टर्मिनल के बन जाने से दूसरे शहरों के लिए भी उड़ान शुरू होने की उम्मीद है।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर।(file)
- फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य से लेकर प्रशासन, पंचायतीराज, पुलिस समेत सभी विभागों की टीम पूरी तत्परता के साथ लगीं हैं। मंडल में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को विकसित भी किया जा रहा है।
सभी बड़ी विकास परियोजनाओं को शुरू कराया जा चुका है। कुछ बचे हुए उद्योगों को भी शुरू कराया जा रहा है। देश में सबसे ज्यादा प्रवासी कामगारों को लेकर ट्रेनें गोरखपुर पहुंचीं। सभी को पूरे सम्मान के साथ घरों तक पहुंचाया गया।
कामगारों को मनरेगा, गीडी की फैक्ट्रियों, बड़ी परियोजनाओं में काम भी दिलाया जा रहा ताकि उनके सामने जीवकोपार्जन को लेकर समस्या न खड़ी हो। लोगों को भी अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। जब तक कोरोना से बचाव का वैक्सीन नहीं बन जाता हमें सतर्कता बरतनी होगी। कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य रुप से करना होगा।