डीआईजी स्टांप केपी पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार दान लेकर दान देने वालों का ब्योरा तैयार किया जा रहा था, मगर अब मुख्यालय स्तर पर विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से सूची बना ली गई है। अब जिला स्तर पर ब्योरा जुटाने का काम बंद कर दिया गया है। सूची में जिले के कितने लोगों के नाम दर्ज हैं यह अभी पता नहीं चल पाया है।
प्रदेश सरकार ने 20 जून 2022 से दान विलेख योजना शुरू की थी। योजना के प्रभावी रहने की आखिरी तिथि 17 दिसंबर है। योजना के तहत गोरक्षनगरी में खून के रिश्ते में बैनामा कराने वालों को अब तक करीब 40 करोड़ रुपये का लाभ हो चुका है।
इन्हें अचल संपत्ति दान करने पर है स्टांप में छूट
पिता-माता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, पुत्रवधु (पुत्र की पत्नी), दामाद (पुत्री का पति), सगा भाई, सगी बहन, पुत्र/पुत्री के पुत्र-पुत्री।