- बुजुर्गों और जोड़ रोग से पीड़ितों को हो रही ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीमार और बुजुर्गों को को एक कदम चलना मुश्किल होता है। लेकिन, उन्हें भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला महिला अस्पताल में तीसरी से चौथी मंजिल तक सीढ़ियों से चलकर जाना पड़ रहा है। इसमें मरीजों के साथ आए तीमारदारों की मुश्किलें और भी बढ़ गई है। वजह खराब पड़ी लिफ्ट है।
लिफ्ट के खराब होने के कारण मरीज के साथ आए बुजुर्गों की सांसत और भी हो जा रही है। एक मंजिल तक जाने के बाद उनकी सांसें फूलने लगती हैं। वह सीढ़ी पर ही बैठ कर सुस्ताने के बाद फिर दूसरी मंजिल पर जाते है। मरीजों के साथ आए परिजनों को पानी और अन्य सामान लाने के लिए नीचे जाना पड़ता है। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के नेहरू चिकित्सालय में गेट से आगे बढ़ते ही पहली लिफ्ट खराब है। इसके कारण प्लास्टर कराने आए मरीजों को रैंप के रास्ते जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी समस्या और भी बढ़ जाती है। बीमार के साथ आए तीमारदार उन्हें किसी तरह संभालते हुए, वार्ड तक ले जाते हैं। ट्राॅमा सेंटर में लगी लिफ्ट भी खराब है। लिफ्ट के बाहर लोग चटाई बिछा कर बैठते हैं। इसी प्रकार कुछ और भी स्थानों की लिफ्ट खराब है।
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जिला महिला अस्पताल में एक लिफ्ट तीन माह से खराब है। इस कारण मरीजों को पैथोलॉजी में जांच के लिए जाने में दिक्कत हो रही है। दूसरी लिफ्ट में आवश्यकता से अधिक लोग भर जाते हैं। लिफ्ट अधिकतर समय बिजी रहती है। इस कारण मरीजों को लिफ्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। मरीजों के साथ आए तीमारदार को छोटी- छोटी जरूरतों के लिए सीढ़ी का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मरीज के साथ आई हूं। तीसरी मंजिल पर मरीज भर्ती है। जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है। ऊपर से सीढ़ी से आना- जाना पड़ रहा है। दवा से लेकर पानी सब नीचे से लाना पड़ता है। मरीज के साथ अकेली हूं, इसलिए सब करना पड़ रहा है।
-मालती देवी, तीमारदार
लिफ्ट खराब है। बार- बार नीचे से सामान लाना पड़ता है। दिन भर में पचास बार नीचे जाना पड़ता है। इस कारण पैरों में दर्द रहता है।
-कमलेश सिंह, तीमारदार
कोट-
खराब लिफ्ट की मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है। जो एजेंसी उसका संचालन करती है, उसे ही मरम्मत कराना है।
डॉ. जय कुमार, एसआईसी, जिला महिला अस्पताल