गोरखपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के 4000 दुकानदारों को लाइसेंस शुल्क का नोटिस भेजा गया है। नगर निगम की सर्वे के बाद छूटे हुए दुकानदारों को नोटिस भेजा जा रहा है। इनमें पहले से लाइसेंस प्रक्रिया से छूटी और नई दुकानें शामिल हैं।
देवरिया बाइपास रोड के किनारे भगत चौराहे के पास की 100 से अधिक दुकानों में नगर निगम का नोटिस पहुंचा है। 8-10 वर्षों से दुकान चलाने वाले दुकानदारों को पहली बार नोटिस मिला तो वे परेशान हो गए। इसमें ऑनलाइन भुगतान और वेबसाइट एवं दुकानों का नंबर नहीं दर्ज किया गया है, जिस पर लोग चर्चा कर रहे हैं।
लाइसेंस शुल्क के नोटिस में शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी बताई गई है। उसके बाद जमा करने वाले दुकानदारों से विलंब शुल्क वसूला जाना है, जबकि ये बिल दस जनवरी को प्राप्त कराया गया है।
भगत चौराहे के पास केक की दुकान चलाने वाले संतोष मिश्रा ने बताया कि लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि बीतने के बाद नोटिस मिला है, जबकि आयल मिल मालिक रंजीत बहादुर सिंह का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं है। इस कारण शुरुआती दौर में संशय हुआ, लेकिन बाद में पता चला कि रसीद देने वाले कर्मचारी नगर निगम से आए थे।
नगर निगम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने कहा कि नगर निगम के सर्वे में 4000 दुकानें ऐसी मिली हैं, जिनसे लाइसेंस शुल्क नहीं लिया जा रहा था। इन दुकानदारों को लाइसेंस शुल्क जमा करने का नोटिस दिया जा रहा है।