वैद्य राजीव सिन्हा ने बताया कि आयुर्वेद में लहसुन को औषधि का दर्जा प्राप्त है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो सेहत और सुंदरता दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। खासकर रक्तचाप, कब्ज, संक्रमण और दांतों के दर्द में भी फायदेमंद है। प्राचीन समय से लहसुन का उपयोग दवा की तरह किया जाता है।
लहसुन की नई फसल ने लोगों को बढ़ी कीमतों से तो राहत दे दी है, लेकिन इसके स्वाद को फीका कर दिया है। शौकीनों को इससे फिर झटका लगा है। उन्हें अच्छी गुणवत्ता और स्वाद वाले लहसुन के लिए अभी एक महीने का इंतजार करना पड़ेगा।
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मध्य प्रदेश और राजस्थान में असमय बारिश के कारण लहसुन की फसल खराब हो गई थी। इससे लहसुन के दाम 400 रुपये किलो को पार कर गए थे। लहसुन की नई फसल आने से इसकी कीमत तो 200 रुपये किलो के नीचे आ गई है, लेकिन इसके स्वाद को खराब कर दिया है।
दरअसल, नए लहसुन साइज में बड़े हैं, इसके पीछे का कारण उसमें मौजूद पानी है। लहसुन का पानी अभी सूखा नहीं है, ऐसे में यह एक तो वजन में भारी है, ऊपर से इसका स्वाद कड़क नहीं है। पानी के कारण लहसुन अभी बेस्वाद है। ऐसे में सब्जियों में नए लहसुन से वह स्वाद नहीं आ पा रहा जो पुराने से आता है।
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व्यापारी रामेश्वर गुप्ता ने बताया कि लहसुन के पानी को सूखने में करीब एक महीने का समय लगेगा। जब लहसुन का पानी सूख जाएगा, तो इसमें पूरा स्वाद आ जाएगा। वहीं इसकी कीमत भी कम हो जाएगी।
आयुर्वेद में लहसुन का विशेष महत्व
वैद्य राजीव सिन्हा ने बताया कि आयुर्वेद में लहसुन को औषधि का दर्जा प्राप्त है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो सेहत और सुंदरता दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। खासकर रक्तचाप, कब्ज, संक्रमण और दांतों के दर्द में भी फायदेमंद है। प्राचीन समय से लहसुन का उपयोग दवा की तरह किया जाता है। साथ ही जायके का स्वाद बढ़ाने के लिए भी लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। नया लहसुन जायका खराब करता है, लेकिन औषधि के रूप में नए और पुरानी लहसुन में कोई फर्क नहीं है।