गोरखपुर। महराजगंज के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में मृत मिले तेंदुए के शावक की मौत आपसी संघर्ष में हुई थी। गोरखपुर चिड़ियाघर में हुए पोस्टमॉर्टम में यह बात सामने आई है। शावक के शरीर पर शिकार या अवैध गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के निचलौल रेंज अंतर्गत ग्राम बजही के पास जंगल में शुक्रवार सुबह करीब डेढ़ वर्ष उम्र का तेंदुए का शावक मृत अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया।
चिड़ियाघर में मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डॉ. रवि यादव, डॉ. साकेत श्रीवास्तव और डॉ. मनीष चंद की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। जांच में शावक के सिर और गले के आसपास गंभीर चोट के निशान पाए गए। चिकित्सकों के अनुसार, ये चोटें किसी दूसरे वन्यजीव के साथ संघर्ष के दौरान लगी प्रतीत होती हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ कि शावक के नाखून और दांत पूरी तरह सुरक्षित थे और शरीर पर शिकार या फंदे के कोई निशान नहीं मिले। इससे वन विभाग ने शिकार की आशंका से इनकार किया है। डाॅक्टरों के मुताबिक, जंगल क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं।