उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के नौतनवा कस्बे के इंदिरा नगर वार्ड स्थित इंद्र प्रसाद की 15 डिस्मिल भूमि का लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत से निरंजन जायसवाल के पक्ष में हुए वरासत के मामले में जिम्मेदारों की लापरवाही की पोल खुली। फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने पर एसडीएम प्रमोद कुमार द्वारा हल्का लेखपाल ध्रुव नारायण तिवारी को निलंबित कर दिया गया है, वहीं कानूनगो शिवराज गुप्ता से स्पष्टीकरण तलब कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई से पूरे तहसील में हड़कंप का माहौल है। कयास लगाया जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के दौरान यह फर्जी वरासत कई और अधिकारियों व कर्मचारियों के गले की फांस बन सकता है।
नौतनवां तहसील के अधिवक्ता रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि तहसील के एक कानूनगो व लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर फर्जी दस्तावेज के सहारे निरंजन जायसवाल ने दूसरे की भूमि को अपने पक्ष में वरासत करा लिया। इसकी शिकायत की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जब एसडीएम ने स्वयं दोनों पक्षों को तलब किया तो उनकी पूछताछ में परत दर परत कई राज खुलते गए और एक-एक कर इसमें शामिल कई व्यक्तियों की चूक तथा जानबूझकर की जाने वाली लापरवाही सामने आई।
एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि मामले में निरंजन जायसवाल को फर्जी वरासत करा लाभ पहुंचाने के आरोप में हल्का लेखपाल ध्रुव नारायण तिवारी को निलंबित कर दिया गया है तथा कानूनगो शिवराज गुप्ता से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जल्द ही कानूनगो के निलंबन की संस्तुति पत्र भी कार्रवाई के लिए डीएम को प्रेषित की जाएगी।