बेटियां भी समाज में बराबरी की हकदार हैं। आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर से बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। ये बातें अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत बक्शीपुर स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन ताइक्वांडो कोच विशाल कुमार ने कहीं। प्रशिक्षण के दौरान कोच और उनकी टीम ने बेटियों को दुश्मन पर काबू पाने की आसान तकनीक बताई। साथ ही विपरीत परिस्थितियों में पेन, चाबी, हेयर पिन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना सिखाया।
शिविर में 208 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। स्कूल की प्रधानाचार्य रमा रानी जायसवाल ने कहा कि आत्मरक्षा का गुर सीखकर बेटियों का हौसला बढ़ा है। संचालन नीलम मिश्रा ने किया। स्नेहलता कुशवाहा ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अर्चना, रंजना ठाकुर, ममता मझवार, नीतू मल्ल, सना परवीन, पूनम, अंजना, सीमा, वर्णिता कुमारी ने सराहनीय भूमिका निभाई।
ये बोलीं छात्राएं
प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा के गुर सिखाए हैं। लाठी-डंडा के वार तक को तकनीक के माध्यम से बेकार किया जा सकता है। प्रतिदिन इसका अभ्यास कर के खुद को मजबूत बनाऊंगी।
- नेहा यादव, कक्षा-9
समाज में बेटियों की स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का मंत्र मिला है। किसी भी चुनौती में हिम्मत नहीं हारना है।
- ज्योति साहनी, कक्षा-10
आत्मरक्षा शिविर ने आत्मविश्वास बढ़ाया है। आत्मरक्षा का गुर सीखकर हौसला बढ़ा है। इस तरह के आयोजन निश्चित ही बेटियों को सशक्त बनाने का कार्य करेगा।
- प्रिया जायसवाल, कक्षा-11
आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर से हम लोगों का हौसला बढ़ा है। सात दिन में शोहदों को धूल चटाने में पारंगत हो जाएंगे। इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक विद्यालय में होने चाहिए।
- महक वर्मा, कक्षा- 11