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नहीं रहे भाजपा के 'कल्याण': गोरक्षपीठ से था कल्याण सिंह का गहरा नाता, महंत अवैद्यनाथ से था खास स्नेह

Sat, 21 Aug 2021 11:22 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह गोरक्षपीठ के और निकट आ गए। मंदिर आंदोलन की रूपरेखा पर तत्कालीन पीठाधीश्वर अवेद्यनाथ के साथ प्रायः उनकी मंत्रणा होती रहती थी। 
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कल्याण सिंह और महंत अवेद्यनाथ - फोटो : amar ujala
राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ से स्वाभाविक आत्मीय गहरा जुड़ाव था। अयोध्या में श्रीराम मंदिर आंदोलन के अगुवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ उनके प्रति विशेष स्नेह रखते थे। ब्रह्मलीन महंत की ही भांति स्मृति शेष सिंह श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को अपने जीवन का मिशन मानने थे। उनके इस मिशन को गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में पूरा भी किया जा रहा है। 

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह गोरक्षपीठ के और निकट आ गए। मंदिर आंदोलन की रूपरेखा पर तत्कालीन पीठाधीश्वर अवेद्यनाथ के साथ प्रायः उनकी मंत्रणा होती रहती थी। गोरक्षपीठ के बुलावे पर कल्याण सिंह पीठ के अधीन संचालित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। 10 दिसंबर 2013 को एमपी इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में कल्याण सिंह ने परिषद की तरफ से दी जा रही राष्ट्रवादी विचारधारा की शिक्षा की मुक्तकंठ से सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पुनीत कार्य से देश के भविष्य को लेकर एक नई आशा का संचार हो रहा है। 
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कल्याण सिंह(फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
कल्याण सिंह के बेहद करीब रहे बीजेपी पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश सिंह बताते हैं कि कल्याण सिंह की गोरक्षपीठ और ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के प्रति गहरी आस्था थी।
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कल्याण सिंह(फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
वर्ष 2006 में वह रमेश सिंह के भाई के शादी समारोह में आए थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि महंत अवैद्यनाथ की तबियत नासाज है, वह फौरन उनका कुशलक्षेम जानने गोरखनाथ मंदिर पहुंच गए। गोरखपुर में उनका आगमन 2014 में खाद कारखाना परिसर में हुई बीजेपी की महारैली में भी हुआ था।

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कल्याण सिंह(फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
अयोध्या में भव्य श्रीराम मन्दिर थी कल्याण सिंह के जीवन की अंतिम इच्छा
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह 10 दिसंबर 2013 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। उस दौरान कल्याण सिंह ने कहा था कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण मेरे जीवन का मिशन है। जीवित रहते श्रीराम मंदिर देखने की तमन्ना है। मंदिर का विरोध भारत की संस्कृति और राष्ट्रीयता का विरोध है। एमपी इंटर कॉलेज में आयोजित उस समारोह में शामिल एमपीपीजी कॉलेज जंगल धुषड़ के प्राचार्य और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य डॉ प्रदीप राव ने अपनी स्मृतियों को अमर उजाला से साझा किया।
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कल्याण सिंह(फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ राव बताते हैं, अपने सम्बोधन में श्रीराम मंदिर का जिक्र करके वे भावुक हो गए थे। कल्याण सिंह कई बार गोरखनाथ मंदिर आए और हर बार राम मंदिर, कृषि, चिकित्सा और शिक्षा का ही उल्लेख किया। उनकी बातें आज भी प्रेरित करती हैं। वे कहते थे कि किसान खुद को भूखा रखकर पूरे देश के लोगों के पेट भरने का प्रयास करता है तो शिक्षक भावी पीढ़ी को तैयार करता है। देश जिस गंदी राजनीति के दौर से गुजर रहा है उसका सीधा दुष्प्रभाव समाज पर पड़ रहा है। इस समारोह की अद्यक्षता वर्तमान में गोरक्षपीठाधीश्वर और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।
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