उप्र के खेल निदेशक और हॉकी इंडिया के पूर्व कप्तान डॉ. आरपी सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अली सईद ने गोरखपुर की पहचान न सिर्फ विश्व स्तर पर बनाई बल्कि अपने जीवन काल में अनगिनत हॉकी खिलाड़ियों को निखारा। उनके निधन से हॉकी तथा खेल जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उप्र हॉकी के उपाध्यक्ष धीरज सिंह हरीश, ओलंपियन प्रेम माया, ओलंपियन प्रीति दूबे, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी आले हैदर, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गुलाम सरवर, जिलउर्ररहमान आदि ने भी शोक व्यक्त किया।
एमएसआई कॉलेज से की थी हॉकी की शुरुआत
एसएम अली सईद ने 1953 में एमएसआई इंटर कॉलेज से अपने हाकी जीवन की शुरुआत की थी। उच्च शिक्षा के लिए सईद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी चले गए और वहां स्नातक करने के दौरान ही उनका चयन भारतीय हाकी टीम में हो गया था। 1964 का टोक्यो ओलंपिक उनके साथ ही पूरे गोरखपुर के लिए ऐतिहासिक था। वह पहला और अंतिम ओलंपिक था, जिसमें स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में गोरखपुर के खिलाड़ी के रूप में उनकी मौजूदगी थी। पाकिस्तान को फाइनल में मात देने में इस आउट साइड लेफ्ट खिलाड़ी का अहम योगदान रहा।