कार्यकाल के आखिरी दिन सर्वर ने और रुलाया
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पांच साल के कार्यकाल का आखिरी दिन तमाम प्रधानों के लिए तब और भारी महसूस हुआ जब वे पंचम राज्य वित्त और ग्राम निधि -6 के खातों में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये मौजूद रहने के बाद भी भुगतान नहीं कर सके। गुरुवार को आधी रात तक ब्लाकों और विकास भवन पर जमे रहने के बाद शुक्रवार को उनकी मुश्किलें और बढ़ गई।
छुट्टी की वजह से न केवल दफ्तर बंद रहे बल्कि सर्वर पहले की तुलना में और धीमा हो गया। हाथ में मौजूद डोंगल झुनझुना साबित हुआ। पूरे दिन प्रधान ऑपरेटर के घरों पर जाकर उनकी मनुहार करते रहे। कुछ ने सचिवों से गुहार लगाई और उन्हें संबंधों का हवाला देकर रात 12 बजे तक जगाए रखा। पूरे दिन जूझने के बाद सफलता हाथ लगने पर कुछ प्रधानों के चेहरे खिल गए तो ज्यादातर रात में मायूस होकर बिस्तर तक पहुंचे।
दरअसल सभी प्रधानों को पीएफएमएस के जरिए भुगतान के लिए डोंगल दिया गया है। डोंगल से ही वह ग्राम पंचायत के खातों से ऑनलाइन धन का भुगतान करते हैं। मगर ज्यादातर प्रधान इसे संचालित ही नहीं कर पाते हैं। यही वजह कि भुगतान के लिए वे शुक्रवार केे अपने कार्यकाल के आखिरी वक्त तक ब्लॉक और मुख्यालय पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों व सचिवों पर निर्भर रहे। उधर सर्वर ने अलग परेशान किया।