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गोरखपुर में विकास की अधूरी खुशी: विकल्प दिया नहीं, बंद कर दी मुख्य राह, धूल में गिरते-पड़ते सफर कर रहे लोग

Wed, 15 Mar 2023 03:02 PM IST
vivek shukla अरुण चंद, गोरखपुर।

सार

सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानीराम से बालापार के लिए एक वैकल्पिक रास्ता है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र के लोग कर सकते हैं। मगर, पड़ताल में यह बात सामने आई कि इस मार्ग से भी सफर आसान नहीं है।
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मुख्य मार्ग बंद होने से इसी कच्चे मार्ग से सफर करने को लोग मजबूर हैं। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भविष्य में सुनहरे सफर की आस पाले महुआतार -टिकरिया मार्ग के आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी का वर्तमान सफर कठिन हो गया है। महुआतार ओवरब्रिज के निर्माण की वजह से घर से निकलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना जोखिम भरा है, तो तमाम लोगों का रोजगार भी चौपट हो गया है।

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कोई बिजली का बिल नहीं जमा कर पा रहा है, तो कोई बच्चों की फीस। जहां कभी पूरे दिन तक रौनक रहती थी, वहां की दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक ही कदम रख रहे। कुछ तो किराया तक नहीं जुटा पा रहे।

दिसंबर 2021 में महुआतार-बालापार- टिकरिया मार्ग पर महुआतार रेलवे क्रासिंग के पास 84.57 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। सेतु निगम के दावों को माने तो 75 फीसदी काम पूरा हो गया है।
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अब मुख्य काम रेलवे क्रासिंग के ऊपर करीब 35 से 40 मीटर तक पुल बनाने का है। रेलवे प्रशासन को यह तय करना है कि वह खुद यह निर्माण कार्य कराएगा या सेतु निगम से ही इस काम को भी पूरा कराएगा।

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रेलवे क्रॉसिंग के उस पार बालापार की तरफ ओवरब्रिज का निर्माण तकरीबन पूरा हो गया है। - फोटो : अमर उजाला।


बहरहाल, क्षेत्र की जनता को ज्यादा दिक्कत, कार्यदायी संस्था की ओर से महुआतार रेलवे क्रासिंग से लेकर महेसरा-मानीराम मार्ग तक मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर देने से है। कार्यदायी संस्था सेतु निगम की तरफ से इस मार्ग के बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई।

महुआतार रेलवे क्रासिंग के पास से एक कच्चा रास्ता है, जो महेसरा ओवरब्रिज के पास जाकर मिलता है । इसी का हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। मगर, इस सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि कार से चलना मुश्किल है। किसी तरह से दो पहिया और ऑटो रिक्शा वाले ही इसपर चल पा रहे हैं । बारिश में तो यह रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानीराम से बालापार के लिए एक वैकल्पिक रास्ता है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र के लोग कर सकते हैं। मगर, पड़ताल में यह बात सामने आई कि इस मार्ग से भी सफर आसान नहीं है। मानीराम रेलवे क्रासिंग के पास प्राय: फाटक बंद रहने से लंबा जाम लगा रहता है। यहां भी पुल का निर्माण हो रहा है। इसकी वजह से भी जाम लगता है।
 

चेते नहीं तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

महुआतार ओवरब्रिज निर्माण की वजह से मार्ग बंद है। ऐसे पैदल और साइकिल वाले जोखिम उठाकर आ और जा रहे। - फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि मौके पर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के ही ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। मंगलवार की दोपहर एक बजे के करीब क्रेन की मदद से लोहे के बड़े-बड़े स्लीपर पुल के ऊपरी हिस्से में पहुंचाए जा रहे थे और नीचे पैदल आने-जाने वालों का सिलसिला जारी था। यही नहीं ऊपर मजदूर काम कर रहे हैं और नीचे जाली तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में मजदूरों-कारीगरों की सुरक्षा के साथ ही यदि ऊपर से लोहे का कोई भी टुकड़ा या सामग्री नीचे गिरती है तो राहगीरों की जान पर बन सकती है।

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सहायक अभियंता से क्षेत्र के लोगों की नोकझोंक
मंगलवार की दोपहर जैसे ही मौके पर सेतु निगम के सहायक अभियंता सत्येंद्र सिंह पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। संवाद के दौरान लोगों का गुस्सा फूट गया और तीखी नोकझोंक भी हुई। लोगों का कहना था कि वैकल्पिक मार्ग का इंतजाम किया नहीं गया और मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मानीराम से बालापार जाने वाली सड़क पर जाम की वजह से चलना मुश्किल है तो महुआतार रेलवे क्रासिंग के पास से महेसरा पुल तक का मार्ग कच्चा है। पूरी राह में बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हैं और धूल का गुबार उड़ रहा है। काफी मशक्कत के बाद जब सहायक अभियंता ने गड्ढों को भरने का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए।

ओवरब्रिज बनने से आसान हो जाएगी कैंपियरगंज-महराजगंज की राह

निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे से गुजरती महिला - फोटो : अमर उजाला।
महुआतार ओवरब्रिज बन जाने से क्षेत्र की जनता को बड़ा लाभ होगा। महुआतार से बालापार - टिकरिया होते हुए कैंपियरगंज, फरेंदा, महराजगंज की दूरी घट जाएगी। महुआतार रेलवे क्रासिंग के पास प्राय: लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिल जाएगी। यहीं नहीं गुरु गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आसानी होगी। शहर या आसपास के क्षेत्रों से आकर यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का सफर में समय बचेगा। कनेक्टिविटी बेहतर हो जाने से क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
बालापार संतोष पांडेय ने कहा कि ओवरब्रिज के निर्माण के लिए रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया और विभाग ने किसी वैकल्पिक रास्ते का इंतजाम ही नहीं किया। महुआतार रेलवे क्रासिंग के पास से कच्चा रास्ता है, मगर इसपर गड्ढे बहुत हैं। रोज दुर्घटना होती है। सेतु निगम जिस मानीराम- बालापार मार्ग को वैकल्पिक मार्ग बता रहा है, वहां की स्थिति और खराब है। ज्यादातर समय क्रासिंग पर फाटक बंद रहने से लंबा जाम लगा रहता है। वह रास्ता भी काफी खराब है। दोनों ही मार्गों से इमरजेंसी में कोई अस्पताल या अपने गंतव्य तक आसानी से नहीं पहुंच सकता। कई बार शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।  

आमजन की सुविधा का भी ध्यान दें
महुआतार राजन पांडेय ने कहा कि व्यवस्था एकदम निरंकुश हो गई है। किसी को भी क्षेत्र के हजारों लोगों की समस्या से कोई वास्ता ही नहीं रह गया है। विकास जरूरी है मगर आमजन की सुविधा का भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कच्चे रास्ते से गिरते-पड़ते लोगों को सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग के लिए कई बार अफसरों से शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।

 

धूल उड़ने रास्ता बंद होने से धंधा चौपट

महुआतार ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान लोहे के स्लीपर को ऊपर पहुंचता क्रेन और नीचे बेखबर आते-जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
फल विक्रेता बबलू चौधरी ने कहा कि बहुत अच्छी दुकानदारी चलती थी। मगर दिन भर धूल उड़ने और रास्ता बंद हो जाने से धंधा ही चौपट हो गया है। बिक्री 60 फीसदी तक गिर गई है। समझ नहीं आ रहा है कि यहां से दुकान शिफ्ट कर कहां ले जाऊं।

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दुकान का किराया भी नहीं निकल रहा
दवा विक्रेता शिव कुमार ने कहा कि जबसे पुल का निर्माण शुरू हुआ है दुकान तक आने का मार्ग ही बंद हो गया है। दुकान का किराया भी नहीं निकल रहा। घर से रुपये लगाने पड़ रहे हैं। पुल बन जाने के बाद भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद कम है। लोग बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे।

दुकान बंद करनी पड़ी
किराना व्यवसायी रामा कृष्णा ने कहा कि हमारा संयुक्त परिवार है। किराने की दुकान के साथ ही घर के बेरोजगार युवक सड़क किनारे फास्ट फूड का ठेला लगाते थे। पुल का निर्माण शुरू होने के बाद से ही धूल, कीचड़ की वजह से दुकान बंद करनी पड़ी।
 
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ग्राहकों की संख्या बहुत कम हो गई

रेलवे क्रॉसिंग के उस पार बालापार की तरफ ओवरब्रिज का निर्माण तकरीबन पूरा हो गया है। - फोटो : अमर उजाला।
व्यवसायी पंकज झा ने कहा कि रोजगार की तलाश में 10 साल से बिहार से आकर यहीं दुकान चलाता हूं। पुल निर्माण की वजह से दुकान तक आने का रास्ता ही बंद हो गया। दिन भर धूल उड़ने, निर्माण सामग्री ले जाने की वजह से ग्राहकों की संख्या बहुत कम हो गई है।

सेतु निगम सहायक अभियंता सत्येंद्र सिंह ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य मार्ग बंद किया गया है। इसके बाद भी लोग जबरन पैदल आवागमन जारी रखे हैं। मानीराम से होते हुए बालापार तक के लिए वैकल्पिक मार्ग की सुविधा है, लेकिन लोग वहां से जाना नहीं चाहते। फिलहाल क्षेत्र के लोगों के अनुरोध पर महुआतार के पास से महेसरा पुल तक जाने वाले कच्चे मार्ग की मरम्मत कराने का निर्णय किया गया है। जल्द ही इसे दुरुस्त करा दिया जाएगा। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 75 फीसदी से अधिक काम हो गया है। अब बड़े काम के तौर पर महुआतार के पास रेलवे क्रासिंग के ठीक ऊपर पुल का निर्माण बाकी है। इसे रेलवे प्रशासन का कराना है।
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