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Gorakhpur News: बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में दो कर्मचारियों के आवास से लाखों की चोरी

Wed, 29 Apr 2026 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- लगातार वारदातों से कर्मचारियों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग
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- टूटी बाउंड्री, सीसीटीवी की कमी और बाहरी लोगों की आवाजाही बनी बड़ी समस्या
गुलरिहा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में चोरी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आवासीय परिसर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वारदातों ने कर्मचारियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मंगलवार को भी दिन में ही परिसर में स्थित दो कर्मचारियों के घर से चोरों ने लाखों का सामान उड़ा लिया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में कार्यरत लिपिक हरेंद्र कुमार और अतुल पांडेय के आवास को चोरों ने निशाना बनाया। दोपहर करीब एक बजे तक घर सूना पाकर चोरों ने पूरे घर को खंगाल डाला और नकदी व महिलाओं के लाखों रुपये के जेवर लेकर चंपत हो गए। करीब एक सप्ताह पूर्व नर्स विमला देवी और संगीता देवी के आवास में भी चोरी की घटना हो चुकी है।
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कर्मचारियों का कहना है कि पिछले लगभग दस दिनों में ही चार से पांच घरों में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। वहीं कुछ महीने पहले लैब टेक्नीशियन नरेंद्र सिंह के आवास पर भी चोरी हुई थी। अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है। कर्मचारियों ने मांग की है कि पूरे आवासीय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, तीन शिफ्ट में सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं, टूटी बाउंड्री की तत्काल मरम्मत कराई जाए और परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। उनका कहना है कि जब तक सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक चोरी की घटनाओं पर रोक लगना मुश्किल है।


बर्न वार्ड से छह लाख का कॉपर वायर चोरी
इसी बीच शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में लगे एसी का कॉपर वायर भी चोरी हो गया, जिससे वार्ड में एसी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। चोरी गए कॉपर वायर की कीमत लगभग छह लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गुलरिहा थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कर्मचारियों की ओर से प्राचार्य को दिए गए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि परिसर की पीछे की बाउंड्री कई जगहों से टूटी हुई है, जबकि सीआरसी के सामने बनी दीवार भी क्षतिग्रस्त है। इससे बाहरी लोगों का आवागमन लगातार बना रहता है। आरोप लगाया कि परिसर में विभिन्न संस्थानों के मजदूर खुलेआम घूमते रहते हैं, जबकि टाइप-1 आवासों में कुछ बाहरी लोग भी रह रहे हैं, जो किसी विभाग से जुड़े नहीं हैं। शाम के समय बाहरी तत्व शराब पीकर गाली-गलौज और अराजकता फैलाते हैं, जिससे माहौल और बिगड़ रहा है।
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