खोराबार (गोरखपुर)। खोराबार थाना के बगल स्थित भारत गैस एजेंसी पर मंगलवार की भोर में रसोई गैस सिलिंडर के लिए सैकड़ों उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गई। देर से सिलिंडर बंटने पर लाइन में लगे कुछ लोगोंं और कर्मचारियों में नोकझाेंक होने लगा जिसके बाद कर्मचारियों ने सिलिंडर बांटना रोक दियसा। दोनों तरफ से लोग शिकायत करने थाना पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने गोदाम से अपनी मौजूदगी में सिलिंडर बंटवाया।
जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसी के गोदाम से सिलिंडर लदी गाड़ी सुबह करीब 10 बजे एजेंसी पर पहुंची। एजेंसी के कर्मचारियों ने लाइन में लगे उपभोक्ताओं में सिलिंडर बांंटना शुरू किया। तेज धूप में लोग इधर उधर खड़े होकर अपनी पारी का इंतजार करते रहे। सिलेंडर वितरण के दौरान एजेंसी कर्मचारी एवं उपभोक्ताओं में शाम करीब 3.30 बजे किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। उसके बाद कर्मचारियों ने गैस सिलिंडर बांटना बंद कर दिया। इस दौरान मौजूद उपभोक्ता और एजेंसी के कर्मचारी खोराबार थाने पर पहुंच गए। पुलिस आई तब जाकर कही सिलिंडर वितरित हुआ। करीब 100 से अधिक लोगों में सिलिंडर वितरित किया गया जबकि कुछ लोगों को सिलिंडर नहीं मिला वे मायूस होकर वापस लौट गए। भारत गैस एजेंसी के मालिक पुरुषोत्तम जायसवाल ने बताया कि करीब 100 उपभोक्ताओं में बैस सिलिंडर बंटवाया गया है।
अभी भी होम डिलीवरी के लिए लोगों को करना पड़ रहा इंतजार
सोमवार बंदी के बाद मंगलवार को गैस एजेंसियों पर उमड़ी भीड़, बुकिंग की स्थिति जानने पहुंचे उपभोक्ता
गोरखपुर। रसोई गैस की किल्लत और केवाईसी की अनिवार्यता के चलते उपभोक्ताओं की परेशानियां अभी भी कम नहीं हुई हैं। सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों पर पहुंचकर अपनी बुकिंग की स्थिति जानने के लिए परेशान रहे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस संकट से पहले जहां उपभोक्ताओं को आसानी से सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब ऑयल कंपनियों की ओर से केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद स्थिति बदल गई है। बिना केवाईसी सिलेंडर न मिलने के नियम के कारण लोग बड़ी संख्या में एजेंसियों पर पहुंचकर दस्तावेज अपडेट करा रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में ही करीब दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने केवाईसी कराई है, जिसके बाद अब धीरे-धीरे सिलेंडर की आपूर्ति बहाल हो रही है।
मंगलवार को तरंग गैस एजेंसी पर पहुंचे विजय ने बताया कि बुकिंग के बाद डीएसी नंबर नहीं मिलने पर एजेंसी आना पड़ा, जहां केवाईसी जरूरी होने की जानकारी मिली। वहीं मनीषा गुप्ता और राम आधार का कहना है कि गैस सिलिंडर के बुकिंग का मैसेज न आने पर उन्हें केवाईसी कराने के लिए आना पड़ा। आलोक सिंह ने बताया कि उन्होंने इंडेन ऑयल के ऐप के माध्यम से खुद ही केवाईसी पूरी की, जिसके बाद अब सिलेंडर मिलने की उम्मीद है।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार जिले में लगभग 11 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें तीन लाख उज्ज्वला योजना और आठ लाख सामान्य श्रेणी के हैं। गैस संकट से पहले करीब 4.50 लाख उपभोक्ताओं ने केवाईसी नहीं कराई थी। हालांकि, ऑयल कंपनियों ने विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर केवाईसी कराने का प्रयास किया, लेकिन उसमें अपेक्षित संख्या में लोग नहीं पहुंचे।