गोरखपुर मंडल में चालू नौ चीनी मिलों में से कुशीनगर की सेवरही चीनी मिल उत्पादन के मामले में सबसे अच्छी हालत में है, जबकि देवरिया की प्रतापपुर मिल फिसड्डी साबित हो रही है।
सेवरही चीनी मिल प्रति क्विंटल 11.13 प्रतिशत चीनी परता के साथ नंबर वन है। वहीं, गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल का भी चीनी परता (प्रति क्विंटल गन्ने से चीनी बनने की मात्रा) 9.55 प्रतिशत है। जबकि, देवरिया की प्रतापपुर चीनी मिल में केवल 8.04 प्रतिशत ही परता आ रहा है।
गोरखपुर मंडल में एक लाख 17 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। मंडल में कुल नौ चीनी मिलें गोरखपुर की पिपराइच, देवरिया की प्रतापपुर, महराजगंज की गड़ौरा व सिसवा बाजार तथा कुशीनगर की ढाढ़ा (हाटा), रामकोला (पी), कप्तानगंज, सेवरही व खड्डा चालू हालत में हैं।
उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के अनुसार बीते 28 जनवरी तक मंडल में कुल एक करोड़ 66 लाख 49 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इससे 17.76 लाख क्विंटल चीनी उत्पादित हुई। मंडल स्तर पर चीनी उत्पादन का प्रतिशत 10.67 है। कुशीनगर में 11.03 प्रतिशत, महराजगंज में 10.51, गोरखपुर में 9.55 और देवरिया में 8.04 प्रतिशत औसत उत्पादन है।