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गोरखपुर मंडल: उत्पादन में कुशीनगर चीनी मिल सबसे आगे, ये हैं फिसड्डी

Mon, 07 Feb 2022 04:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कुशीनगर की सेवरही चीनी मिल में एक क्विंटल गन्ने से 11 किलो से अधिक चीनी का उत्पादन होता है। देवरिया की प्रतापपुर मिल में 8.04 किलो चीनी का उत्पादन हो रहा है। वहीं पिपराइच का औसत 10 से नीचे है।
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पिपराइच चीनी मिल। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर मंडल में चालू नौ चीनी मिलों में से कुशीनगर की सेवरही चीनी मिल उत्पादन के मामले में सबसे अच्छी हालत में है, जबकि देवरिया की प्रतापपुर मिल फिसड्डी साबित हो रही है।

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सेवरही चीनी मिल प्रति क्विंटल 11.13 प्रतिशत चीनी परता के साथ नंबर वन है। वहीं, गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल का भी चीनी परता (प्रति क्विंटल गन्ने से चीनी बनने की मात्रा) 9.55 प्रतिशत है। जबकि, देवरिया की प्रतापपुर चीनी मिल में केवल 8.04 प्रतिशत ही परता आ रहा है।

गोरखपुर मंडल में एक लाख 17 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। मंडल में कुल नौ चीनी मिलें गोरखपुर की पिपराइच, देवरिया की प्रतापपुर, महराजगंज की गड़ौरा व सिसवा बाजार तथा कुशीनगर की ढाढ़ा (हाटा), रामकोला (पी), कप्तानगंज, सेवरही व खड्डा चालू हालत में हैं।
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उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के अनुसार बीते 28 जनवरी तक मंडल में कुल एक करोड़ 66 लाख 49 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इससे 17.76 लाख क्विंटल चीनी उत्पादित हुई। मंडल स्तर पर चीनी उत्पादन का प्रतिशत 10.67 है। कुशीनगर में 11.03 प्रतिशत, महराजगंज में 10.51, गोरखपुर में 9.55 और देवरिया में 8.04 प्रतिशत औसत उत्पादन है।

 

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चीनी परता का मिल की हालत पर पड़ता है असर

एक क्विंटल गन्ने में जितनी चीनी बनती है, उसे चीनी परता कहा जाता है। चीनी मिल से सेवानिवृत्त हो चुके राघवेंद्र शुक्ल बताते हैं कि चीनी उत्पादन का असर मिल की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। चीनी परता जितना बेहतर होता है, मिल संचालन की स्थिति उतनी बेहतर होती है। इससे किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान देना आसान होता है।

अच्छी प्रजातियों से बढ़ता है चीनी परता

पिपराइच किसान संस्थान के सहायक निदेशक ओमप्रकाश ने बताया कि गन्ने की कई प्रजातियां ऐसी हैं, जिनसे अधिक मात्रा में चीनी का उत्पादन होता है। ऐसी ही प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। चीनी मिलें अपने क्षेत्र में अच्छी उपज वाली गन्ने की बुवाई पर जोर दे रही हैं। पूर्वांचल का चीनी प्रतिशत पश्चिमी यूपी की बराबरी करने लगा है।

चीनी परता

 मिल                चीनी परता (प्रतिशत)
1- सेवरही                11.13
2- हाटा                   11.10
3- रामकोला (पी)       11.07
4- सिसवा बाजार         10.81
5- खड्डा                   10.76
6- कप्तानगंज             10.66
7- पिपराइच               9.55
8- गड़ौरा                  9.07
9- प्रतापपुर                8.04


 
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