छितौनी। पीआरडी जवान की हत्या के बाद छितौनी कस्बे में पुलिस की सक्रियता देखने को मिल रही है। रविवार की रात और सोमवार को पूरे दिन कस्बे में हनुमानगंज थाने की पुलिस अलर्ट दिखी। चौक-चौराहों पर गश्त कर लोगों से भी पुलिस ने जानकारी हासिल की। इसको लेकर कस्बे के लोगों का कहना था कि अगर यही सक्रियता पहले पुलिस ने दिखाई होती तो शायद पीआरडी जवान की जान नहीं जाती।
कस्बे के लोगों का कहना था कि गश्त पर हर रात पुलिसकर्मी जरुर दिखते थे, लेकिन जब लोग गहरी नींद में सो जाते थे तो सिपाही पीआरडी व होमगार्ड के जवानों के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था छोड़कर थाने या फिर चौकी पर चले जाते थे। घटना के रात भी यही हुआ था। जिस सिपाही सत्यवान यादव को एसपी ने निलंबित किया है, वह उस रात ड्यूटी पर तैनात था। आधी रात होते ही वह ड्यूटी छोड़कर कहीं चला गया। तभी सिरफिरे युवक ने घटना को अंजाम दे दिया। अगर उस वक्त सिपाही वहां होता तो पीआरडी जवान रमाकांत तिवारी की जान नहीं जाती और आरोपी घटना को अंजाम नहीं दे पाता।