पडरौना। देवोत्थानी एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। लोग तो इनकी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन प्रशासन की कोई तैयारी नहीं दिख रही। सड़कों पर अतिक्रमण है। सहालग में भीड़ बढ़ेगी तो लोगों को जाम से जूझना पड़ेगा। दीपोत्सव के बाद अचानक शहर में जाम की समस्या देखने की मिल रही है।
त्योहार के बाद जहां लोगों का आवागमन बड़ा, तो अब सहालग के लिए भी आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी भीड़ के चलते शहर की सड़कें हांफने लगी हैं। हर रोज जाम के हालात बन रहे हैं। मुख्य मार्ग सुभाष चौक, रामकोला रोड, जटहां रोड, तिलक चौक, मेन बाजार पर भी लोगों को जाम में फंसकर वक्त बर्बाद करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि देवोत्थानी एकादशी से सहालग शुरू होते ही सड़कों पर भीड़ और बढ़ जाएगी।
ऐसे में सुचारु यातायात के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका की ओर से कार्ययोजना बनाए जाने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। यहां तक कि दिवाली पर दुकानों के आगे किए गाए अतिक्रमण को भी नहीं हटवाया गया। इसके अलावा अन्य अतिक्रमण भी हैं। कहीं-कहीं तो सड़क की पटरी तक अतिक्रमण है। ऐसे में लोगों को चिंता सता रही है कि किस तरह तय समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
नगर की सड़कों पर जाम न लगे, इसके लिए पडरौना और कसया में यातायात पुलिस के अलावा होमगार्ड और पीआरडी के कुल 133 जवानों को तैनात किया गया हैं। जिन स्थानों पर जाम लगने की आशंका रहती है, वहां अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा यदि जरूरत पड़ी तो शहर में रूट डायवर्जन भी किया जाएगा। -सत्य प्रकाश सिंह, टीआई।