गाड़ी का नंबर प्लेट देखकर आसानी से जाना जा सकता है कि वह किस राज्य की है। हालांकि अब कुछ बदलाव के साथ अब आपको सड़क पर एक ऐसी सीरीज के वाहन नजर आएंगे जो किसी राज्य से नहीं बल्कि पूरे देश की पहचान होगी। जिसकी शुरुआत बीएच से होगी। इस सीरीज के नंबर की गाड़ी जिसके पास होगी उसे किसी दूसरे राज्य में जाने पर आरसी ट्रांसफर की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दूसरे राज्यों में पंजीकरण का क्या है नियम
वर्तमान समय में आप एक निश्चित अवधि के लिए दूसरे राज्य में बिना पंजीकरण कराए गाड़ी रख सकते हैं। वर्तमान में एक व्यक्ति को उस राज्य के अलावा किसी भी राज्य में अधिकतम 12 महीने तक वाहन रखने की अनुमति है। मालिक को ऐसे वाहनों का 12 महीने से पहले फिर से वाहन का पंजीकरण करवाना होता है। बीएच सीरीज के बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
कौन कर सकता है आवेदन
इस बीएच सीरीज के शुरू हो जाने के बाद सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिलेगी जिनका ट्रांसफर होता रहता है और उन्हें अपने साथ गाड़ी ले जानी होती है। वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन की दिक्कत रहती है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रक्षा कर्मियों, केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों और संगठनों के स्वामित्व वाले निजी वाहनों के पंजीकरण के लिए इस नई सीरीज की शुरुआत की है।
कितना लगेगा टैक्स
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। बीएच सीरीज के लिए मंत्रालय ने 10 लाख रुपये तक की लागत वाले वाहनों के लिए 8 प्रतिशत 10-20 लाख रुपये की लागत वाले वाहनों के लिए 10 प्रतिशत और 20 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले वाहनों के लिए 12 प्रतिशत रोड टैक्स तय किया है। डीजल वाहनों के लिए 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और इलेक्ट्रिक वाहनों पर 2 प्रतिशत कम कर लगाया जाएगा।