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Gorakhpur News: साली के बेटे को किया था अगवा...एडमिशन में ठगी पर हटाया गया डीडीयू का चपरासी

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- खुद को आईपीएस बता व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी शनि पहले ही दे चुका था ठगी और अपहरण जैसी वारदात को अंजाम
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- छह माह पहले पत्नी ने कैंट थाने में दर्ज कराई थी शनि की गुमशुदगी की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो

गोरखपुर। खुद को आईपीएस बताकर पीपीगंज में व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी शनि शर्मा अपनी साली के बेटे के अपहरण के मामले में सालभर पहले जेल भेजा गया था। जमानत पर छूटने के बाद डीडीयू के चपरासी शनि को दाखिला दिलाने के नाम पर छात्र-छात्राओं से यूपीआई के जरिये खाते में रुपये मंगाने का मामला सामने आने पर जुलाई-2025 में निलंबित कर दिया गया। फर्जी आईपीएस का मामला सामने आने के बाद उसकी करतूतें फिर चर्चा में आने लगीं हैं।
जानकारी के मुताबिक पीपीगंज निवासी शनि शर्मा की वार्ड की ही एक युवती से नजदीकियां थीं। दिसंबर-2024 में इसकी जानकारी होने पर उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इससे आक्रोशित शनि पत्नी की बहन के तीन साल के बेटे अगस्त्य को अगवा कर उसे लेकर नेपाल चला गया। बच्चे की मां राधा की शिकायत पर पीपीगंज पुलिस ने जांच शुरू की तो शनि के बारे में जानकारी हुई और उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए पीपीगंज पुलिस नेपाल बॉर्डर तक पहुंच गई थी। शनि को गिरफ्तार करने के बाद बच्चे को छुड़ाया गया था। इस मामले में उसे पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया था।
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पुलिस के मुताबिक शनि शर्मा पर कई बार ठगी के आरोप भी लग चुके हैं। कई मामलों में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इस बार जेल से बाहर आने के बाद रील ने उसे नया ख्याल दिया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि, इंस्टाग्राम पर उसने एक रील देखी। इसी के बाद खुद को आईपीएस बताकर ठगी और रंगदारी वसूलने का ख्याल आया। उसने अपने व्हाट्सएप अकाउंट में आईपीएस की वर्दी पहने हुए डीपी लगा रखी थी। यही वजह थी कि अनजान लोग उसके झांसे में आकर चुप्पी साध लेते थे। इस बार शनि के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के लोग घर छोड़कर भागे हुए हैं। पीपीगंज में सोमवार को भी उसके मकान में ताला लटका रहा।

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भाग गया था घर छोड़करअगस्त-2025 में शनि घर से भाग गया था। इसके बाद उसकी पत्नी ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था। लोग उस पर रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसी वजह से वह घर से भाग गया था और पत्नी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद वह वापस आ गया था।
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वर्जन

व्यापारी से रंगदारी मामले वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। इसके पहले भी उसने कई लोगों से ठगी की है। उससे जुड़े पुराने मामलों की जांच की जा रही है।

- ज्ञानेंद्र प्रसाद, एसपी नॉर्थ
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