- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है शनि शर्मा और खुद को बताता है बाबू, रसूखदारों से अच्छे संबंध बता जमाता था धौंस
- डीडीयू में प्रवेश दिलाने के नाम पर यूपीआई से मंगाए थे खाते में रुपये, जुलाई में निलंबित
- फर्जी आईपीएस शनि गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी रहता था चर्चाओं में
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। खुद को आईपीएस बता व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का कर्मचारी शनि शर्मा लंबे समय तक चर्चाओं में रहा था। वह तीन जुलाई 2025 से निलंबित है। विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने के नाम पर यूपीआई के जरिये खाते में रुपये मंगाने के आरोप में उसे निलंबित किया गया था। उसके बाद आरोपों की फेहरिस्त बढ़ती गई। विश्वविद्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शनि खुद को बाबू बताता था और रसूखदारों से अच्छे संबंध बताकर धौंस जमाता था।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव बताते हैं, शनि के खिलाफ कई शिकायतें हैं। सभी शिकायतों की एक साथ विभागीय जांच चल रही है। कुछ मामलों में रिपोर्ट भी आ गई है। पुराने मामलों में सोमवार को जेल में नोटिस तामील कराने के लिए भेजा गया है। फिलहाल, वह निलंबित चल रहा है।
शनि किसी भी विभाग में प्रवेश दिलाने के दावे कर लोगों से पैसे ले लेता था। पीपीगंज क्षेत्र के राजाबारी निवासी पिंकी वर्मा पुत्री बंधू वर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पैसे लेने की शिकायत की थी। साक्ष्य के रूप में उसने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रसीद भी दी थी। आरोप था कि पीएचडी में प्रवेश के लिए शनि ने 25 अप्रैल 2025 को 4700, 26 को 8500 और 28 को 5600 रुपये यूपीआई के जरिये लिए। इसके अलावा पादरी बाजार के जंगल सालिकराम निवासी अनुराग चौहान पुत्र सुभाष से एलएलबी में प्रवेश के लिए 40 हजार रुपये लिए थे। इसी मामले में उसे निलंबित किया गया था।
कुलसचिव की ओर से 12 नवंबर 2025 को जारी आरोप पत्र के मुताबिक, शनि शर्मा ने आईजीआरएस के माध्यम से अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायत की। आरोप पत्र जब उसने रिसीव नहीं किया तो उसके मकान पर चस्पा कर दिया गया था। अब वह चस्पा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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सीएम को अपशब्द कहने के ऑडियो में भी आया था नाम
नवंबर-2025 में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें शनि शर्मा विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी से बात कर रहा था। दूसरे कर्मचारी ने मुख्यमंत्री योगी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। उस मामले में जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने दोनों को दोषी पाया था। हालांकि, उस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। शनि की पहली पत्नी ने भी विश्वविद्यालय में शिकायत की है। शनि बातचीत में रसूखदारों से अच्छे संबंध का भी धौंस दिखाता था।