लोगों को सचिव ने आश्वस्त किया कि किसी के मकान को तोड़ा नहीं जाएगा। आबादी को छोड़कर योजना का काम भी शुरू कराया जा चुका है। मकानों का मालिकाना हक दिलाने में अभी वक्त लगेगा। इसके लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाएगा। इस प्रस्ताव को दोबारा बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद शासन को पत्र भेजा जाएगा। भवन मालिकों को कुछ शुल्क के साथ मानचित्र भी स्वीकृत कराए जाएंगे। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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सचिव से मिलने पहुंचे लोगों में विकास पांडेय, अर्जुन पासवान, रामप्रकाश तिवारी, योगेंद्र पांडेय, रविंद्र नाथ पांडेय, रामदुलारे, कमलेश राय, मृत्युजंय भूषण मालवीय, धर्मेंद्र शर्मा, वीपी सिंह, दिग्विजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जयप्रकाश मिश्रा आदि शामिल रहे।