पहले करते हैं मनमानी, बाद में उठाते हैं परेशानी
वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अमित कुमार सिंह बताते हैं कि कई व्यापारी रिटर्न भरते समय या टैक्स जमा करते समय अपना टर्न ओवर जो बताते हैं, उसका उनके पास रिकार्ड अपडेट नहीं होता। ऐसे में उन्हें कभी भी दिक्कत उठानी पड़ सकती है। दरअसल जमा किए गए टैक्स की जांच के लिए अफसर जब क्षेत्र में जाते हैं तो वहां व्यापारी के स्टॉक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर की जांच करते हैं। मान लीजिए कि स्टॉक रजिस्टर में 100 मोबाइल फोन लिखा है, लेकिन दुकान में 90 ही मिले तो शेष 10 किसे बेंचा गया, इसका जिक्र जरूरी है। लिहाजा बिक्री रजिस्टर को भी अपडेट रखना जरूरी है।
नियम 67 और 71 के तहत होती है जांच
वाणिज्यकर और वस्तु एवं सेवा कर विभाग के अफसर किसी भी व्यापारी के स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, कैश मेमो आदि की जांच कर सकते हैं। नियम 67 के तहत वे व्यापारी से दुकान से संबंधित अभिलेख मंगाकर भी जांच कर सकते हैं। इसके अलावा नियम 71 के तहत अभिलेख या कोई भी अन्य सामान जब्त करते हुए भी जांच कर सकते हैं। यह बाध्यकारी है और जरूरत पड़ने पर पुलिस की भी सहायता ली जा सकती है। ऐेसे में व्यापारियों को अपनी दुकान पर जरूरी रजिस्टर हर वक्त रखने चाहिए।