हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी हसन संजरी अलैहिर्रहमां (ख्वाजा गरीब नवाज) के अकीदतमंद पूरी दुनिया में हैं। हर साल दुनियाभर से सभी मजहबों के लाखों अकीदतमंद अजमेर शरीफ पहुंच उनके दरगाह पर अकीदत का नजराना पेश करते हैं। ऐसे ही अकीदतमंदों में शामिल हैं गोरखपुर शहर के कलामुद्दीन और मोहम्मद सुल्तान, जो गोरखपुर से अजमेर तक 1700 किमी का सफर साइकिल से तय कर ख्वाजा गरीब नवाज को अकीदत का नजराना पेश करेंगे।
शहर के चक्शा हुसैन पचपेड़वा निवासी 35 वर्षीय कलामुद्दीन चिश्ती व 30 वर्षीय मोहम्मद सुल्तान ने साइकिल से अजमेर शरीफ जाने की तैयारी पहले से ही कर ली थी। कलामुद्दीन बक्शा मिस्री हैं तो वहीं मो. सुल्तान होटल में काम करते हैं। कलामुद्दीन ने सफर के लिए नई साइकिल भी खरीदी है।
कलामुद्दीन चिश्ती ने बताया कि 14 फरवरी को दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल से अजमेर शरीफ का सफर शुरु किया है। रास्ते में पड़ने वाली दरगाह व मस्जिद में रात बिताई जाएगी। करीब 11 दिन में एक तरफ का सफर तय कर लेंगे। यात्रा में करीब दस हजार रुपये का खर्चा आएगा। साइकिल पर कपड़ा, बिस्तर व अन्य जरूरत का सामान रखा गया है। सफर के दौरान तमाम देशवासियों में मोहब्बत व भाईचारगी का पैगाम भी बांटा जाएगा। दरगाह पर पहुंचकर मुल्क के लिए खास दुआ की जाएगी।
रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख दरगाहों पर लगाएंगे हाजिरी
गोरखपुर से अजमेर शरीफ की यात्रा के दौरान कलामुद्दीन और सुल्तान रास्ते में किछौछा शरीफ (अम्बेडकर नगर), अयोध्या स्थित पैगंबर हजरत शीश अलैहिस्सलाम की मजार, हजरत वारिस पाक देवा शरीफ दरगाह (बाराबंकी), लखनऊ स्थित हजरत शाह मीना दरगाह, बरेली शरीफ स्थित दरगाह आला हजरत इमाम अहमद रजा खां अलैहिर्रहमां, नई दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह, कलियर शरीफ दरगाह आदि पर हाजिरी लगाएंगे।
ख्वाजा गरीब नवाज ने पूरी की मन्नत
कलामुद्दीन 10 जुलाई 2006 में साइकिल से अजमेर शरीफ का सफर कर चुके हैं। यह साइकिल से अजमेर शरीफ का उनका दूसरा व सुल्तान का पहला सफर है। कलामुद्दीन का मदरसे की एक जमीन का मसला फंसा हुआ था जो ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर मांगी गई दुआ के सदके अल्लाह तआला ने हल कर दिया। तभी से साइकिल से जियारत करने का इरादा कर लिया था।