खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना से प्रभावित क्षेत्र में रविवार को भी जीडीए की टीम ने सर्वे किया। बारिश के बावजूद टीम की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान तकनीकी सदस्यों ने जीपीएस के जरिए मकानों, खाली पड़े स्थानों और टीनशेड के संबंध में जानकारी जुटाई। जीडीए के अभियंताओं की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक-एक ब्योरा इकट्ठा किया।
रविवार की दोपहर जीडीए के सहायक अभियंता एके तायल और विकास वर्मा की टीम ने सेक्टर तीन के एकता नगर में स्थानीय निवासी वीपी सिंह, पूनम सिंह, राकेश वर्मा, विमलेश त्रिपाठी, कमलाकांत पाठक, राजेंद्र त्रिपाठी, योगेंद्र पांडेय, धीरज मिश्र के साथ मिलकर सर्वे किया। डिजिटल टीम ने भी मकानों और जमीनों की जानकारी लेकर डाटा फीड की। जीडीए कर्मचारियों ने बताया कि जल्द से जल्द सर्वे पूरा करा लिया जाएगा। मंगलवार को इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष और सभी चारों टीमों के साथ बैठक करके आगे का निर्णय लेंगे।
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जीडीए प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने कहा कि खोराबार क्षेत्र में सर्वे चल रहा है। इसे जल्द ही पूरा कराकर जीडीए उपाध्यक्ष के सामने रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके बाद बैठक करके आगे का निर्णय लिया जाएगा।
गोड़धोइया नाला के सुंदरीकरण की जद में आने वाले घरों के लोगों ने रविवार को जुलूस निकालकर घर बचाओ आंदोलन शुरू किया। सुबह आठ बजे से शुरू हुआ आंदोलन देर शाम तक चला। हर कॉलोनी में पहुंचकर लोगों ने बैठक की। लोगों का कहना है कि नाले की चौड़ाई कम कर उनके मकानों को बचाया जा सकता है। इस मुद्दे पर लोगों ने एमएलसी देवेंद्र सिंह से मिलकर मदद की गुहार भी लगाई।
गोड़धोइया नाला के सुंदरीकरण, पाथ-वे बनाने और नाले में गिरने वाले पानी को शुद्ध करने के लिए योजना बनी है। इस पर काम शुरू हो गया है। पहले चरण में नाला की सफाई कराई गई है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। बीते दिनों कमिश्नर अनिल ढींगरा ने रामगढ़ताल के पास नाले का निरीक्षण किया था। नाला के सुंदरीकरण की जद में पांच सौ से अधिक मकान आ रहे हैं।
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एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गोड़धोइया नाले के संबंध में लोगों ने मुलाकात की है। इस प्रकरण में डीएम और नगर आयुक्त से बात कर मैंने कहा है कि किसी का मकान न टूटे। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। डीएम ने मंगलवार को प्रभावित लोगों से मिलने का आश्वासन दिया है। शुरुआत में नाला 11 मीटर का है, लेकिन पीएसी कैंप के पास इसे 42 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। यह सिर्फ ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के नजरिए से हो रहा है।