दो बार निकाली जाएगी सीट मेट्रिक्स
पीएचडी में प्रवेश के पहले सभी विभागों की सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इसमें सबसे पहले जेआरएफ को प्रवेश दिया जाएगा। अगर जेआरएफ क्वालिफाई छात्र सीट से ज्यादा होंगे तो उन्हें इंटरव्यू से गुजरना होगा। इसके बाद अगर सीटें बचती हैं तो एक बार फिर सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इन बची हुई सीटों के सापेक्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
नेट को मिलेगी प्राथमिकता
पीएचडी में प्रवेश के समय नेट क्वालिफाई छात्र-छात्राओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें साक्षात्कार में कुछ अंक दिए जाएंगे। हालांकि, इन्हें प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध अध्यादेश में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत जेआरएफ क्वालिफाई छात्रों को प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें सीधे प्रवेश मिल जाएगा। बची सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव को विद्या परिषद और कार्य परिषद में जल्द रखा जाएगा। वहां से पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन से अनुमति मिलने के बाद ही यह लागू होगा।