जलसे में तकरीर करते मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी।
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मुसलमान कुरान व हदीस की शिक्षा के मुताबिक जीवन गुजारें। तालीम पर मुसलमान ध्यान दें। तालीम के बगैर कोई भी इंसान व कौम तरक्की नहीं कर सकती है। यह बातें इलाहीबाग में रविवार को आयोजित जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी के दौरान हाफिज खैरुलवरा ने कही।
मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहा कि पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की शिक्षा है कि अगर कोई भर पेट खाना खाकर सो गया और उसके पड़ोस में कोई भूखा सोया तो वह सजा का हकदार है और हिसाब किताब के दिन (महशर) उससे पूछा जाएगा। जरुरतमंदों की मदद करें। सबके खुशी व गम में शामिल हों। अपने जायदाद अपने माल के हिसाब से हर साल गरीबों, बेसहारों के लिए जकात, फित्रा निकालिए, उनको दान यह हमारी जिम्मेदारी है।
पश्चिम मोहल्ला पिपरौली बाजार में जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में सूफी निसार अहमद व मौलाना मो. इदरीस निजामा ने कहा कि पैगंबर-ए-आजम की सुन्नतों के मुताबिक अपनी दिनचर्या बदलिए, आपका खाना-पीना, सोना, उठना, बैठना, चलना, पहनना आदि सब इबादत में शुमार किया जाएगा। अंत में सलातो-सलाम पढ़कर दुआ मांगी गई।
जलसे में हाफिज नजरे आलम कादरी, मौलाना अब्दुल माबूद, कारी नवाब अहमद रजवी, नूर अहमद, मौलाना मोनिस आलम, कारी मो. सकलैन, कमर आलम, मोगीस आलम आदि मौजूद रहे।