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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड मामला: किसान बोले- पहले मुआवजा दें, फिर अधिगृहित करें जमीन

Wed, 28 Jun 2023 01:05 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी जगदीशपुर।

सार

टीम ने कुछ किसानों को धान की रोपाई से रोका तो वे विरोध-प्रदर्शन करने लगे थे। मंगलवार को प्रभावित किसानों से इस मामले में जब बात की गई तो उनका दर्द सामने आया। उनका कहना था बिना सूचना, नोटिस एवं मुआवजा दिए सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण न करे।
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड के निर्माण के लिए अधिगृहित जमीनों के मुआवजा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इससे प्रभावित किसानों का कहना है कि एनएचएआई पहले मुआवजे का भुगतान करे फिर जमीन अधिगृहित करे।

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बताते चलें कि सोमवार को कोनी गांव के पास रिंग रोड के जमीन की सफाई कराने पहुंची भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं एसएलओ (विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी) की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था।

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टीम ने कुछ किसानों को धान की रोपाई से रोका तो वे विरोध-प्रदर्शन करने लगे थे। मंगलवार को प्रभावित किसानों से इस मामले में जब बात की गई तो उनका दर्द सामने आया। उनका कहना था बिना सूचना, नोटिस एवं मुआवजा दिए सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण न करे।
 

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किसानों ने क्या कहा

बिना नोटिस दिए जमीन खाली कराना कहां का न्याय है। नियम के तहत काम होना चाहिए। कोई भी कार्य जबरिया नहीं होना चाहिए, इसका हम लोग विरोध करेंगे। - नरसिंह सिंह, कोनी गांव।

किसानों का जीविकोपार्जन इन्हीं खेत से होता है। सड़क में निकल जाने के बाद क्या होगा। विभाग और सरकार दोनों को किसानों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। - अमरनाथ गुप्ता, कोनी।

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जमीन तो सड़क के लिए निकल रही है। यहां का वर्तमान में जो सर्किल रेट चल रहा है। उसके आधार पर मुआवजा दिया जाए।- रामप्रताप चौरसिया, कोनी।

किसान धान की रोपाई कर चुके हैं। किसानों का हक न मारा जाए। यहां जो बाजार रेट है। उस रेट से ही मुआवजे का भुगतान किया जाए। तब रिंग रोड बनाने का काम शुरू हो। - रामनाथ, कोनी।



 
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