जीडीए, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पहले ही पल्ला झाड़ चुके हैं। नपाई कौन करा रहा है? एजेंसी किसने लगाई है और प्लानिंग क्या है? इन सवालों का जवाब हासिल करने के लिए व्यापारी निर्माण संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों से मिलेंगे। बावजूद, इसके कोई जानकारी नहीं मिलती है तो मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
गोलघर व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरी शंकर सरावगी ने बताया कि 50 से ज्यादा दुकानदारों से बातचीत हुई है, अभी तक किसी को नोटिस नहीं दिया गया है। छह माह पहले भी नगर आयुक्त, डीएम और कमिश्नर को पत्र लिखकर पूछा गया था कि गोलघर के अतिक्रमण, सुंदरीकरण और चौड़ीकरण को लेकर कोई योजना है तो साझा करें। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला।
अब हम लोग कमिश्नर से मिलकर पूछेंगे कि सर्वे क्यों हो रहा है और योजना क्या है। जो भी है, उसे बताया जाए। नितिन जायसवाल ने कहा कि व्यापारियों में बहुत ज्यादा अफवाह है। अगर कोई योजना नहीं है तो सर्वे और नाप-जोख करने वाले कौन हैं? इसकी जानकारी होनी चाहिए।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि गोलघर की सड़क को चौड़ा करने की योजना की जानकारी मुझे नहीं है। न ही किसी विभाग ने मुझसे इस संबंध में प्रस्ताव का जिक्र किया है। व्यापारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। संबंधित जितने भी विभाग हैं, उनसे बातचीत करके पता करता हूं।